बालोद। शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हर्राठेमा में गुरु पूर्णिमा का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने विधि विधान से पूजा अर्चना किया गया। तत्पश्चात् छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुओं का तिलक लगाकर व आरती सजाकर पूजा किया। इस अवसर पर कक्षा 12वीं की छात्रा कुमारी वंदना ने अपना संक्षिप्त विचार रखा। शाला प्रमुख सी एल कलिहारी गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है।

यह पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है ।धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। सनातन धर्म में गुरुओं को ईश्वर के समान माना गया है।

इस दिन हर मनुष्य को अपने गुरुओं की श्रद्धा पूर्वक पूजा करनी चाहिए, उनकी पूजा और उनकी शिक्षा के प्रति अपना आभार व्यक्त करने से जीवन का अंधकार समाप्त होता है साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है।कार्यक्रम में शिक्षक प्रमोद कुमार अवस्थी, प्रमोद सिंह ठाकुर, रेणुका यादव, गीता देवांगन, लिखेंद्र सिन्हा, प्रयागराज ठाकुर, ममता , रवीन्द्र आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती लता ठाकुर पिल्ले ने किया।
