कलेक्टर ने पत्रकार दीपक यादव को हरसंभव मदद करने का दिया आश्वासन, सौंपा गया ज्ञापन



बालोद। गुरुवार को बालोद जिले के सभी मीडिया साथियों द्वारा गले और सर्वाइकल स्पाइन की समस्या से जूझ रहे जगन्नाथपुर के पत्रकार दीपक यादव को आर्थिक मदद दिलाने के लिए कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल से मुलाकात की गई। इस दौरान पत्रकार की पत्नी माधुरी यादव भी मौजूद रही। जिन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मौके पर पत्रकारों ने उन्हें दीपक यादव की वस्तु स्थिति और परेशानी के बारे में अवगत कराया। जिस पर यथाशीघ्र कलेक्टर द्वारा मदद दिलाने का आश्वासन दिया गया है। बता दे कि लगभग 45 दिनों से दीपक यादव का इलाज जारी है। गले की समस्या पहले से सुधर चुकी है। अब वह धीरे-धीरे बोलने की स्थिति में आ चुके हैं। पर सर्वाइकल स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या जटिल हो चुकी है। जिससे उसे उन्हें बाएं गर्दन से लेकर कंधा, हाथ और कमर तक दर्द रहता है। इससे सोने बैठने में दिक्कत होती है। इसका इलाज भी न्यूरो सर्जन के जरिए शुरू किया गया है। रायपुर में विशेषज्ञ से इलाज करवा रहे हैं। न्यूरोसर्जन का कहना है कि सर्वाइकल स्पाइन की समस्या को अगर दवाई से ठीक किया जा सकेगा तो कोशिश की जाएगी। उन्हें अभी 1 महीने के लिए दवाई देकर ट्रायल पर रखा गया है। अगर इस बीच नस का दर्द कम होता है तो दवाई से आगे इलाज जारी रहेगा। जिसमें 5 से 6 महीने कवर करने में लगेंगे। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो फिर ऑपरेशन करने की नौबत आ सकती है।
विशेषज्ञ ने स्पष्ट हिदायत दी है कि गर्दन को ज्यादा से ज्यादा सीधा रखने की कोशिश करना है। इसके लिए कॉलर पहनना है। ज्यादा झुकना नहीं है वरना दर्द होगा। वजन उठाने से मना किया गया है। तो वही भाग दौड़ से बचने कहा गया है। मौके पर स्वयं पत्रकार दीपक यादव ने अपनी समस्या और अब तक के संघर्षों के बारे में संक्षिप्त जानकारी कलेक्टर को दी। इस पर कलेक्टर ने जल्द से जल्द यथासंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।

आचार संहिता समाप्त होने के बाद बढ़ी मदद मिलने की उम्मीद

पत्रकार दीपक यादव को खासतौर से जनप्रतिनिधियों द्वारा मदद का आश्वासन मिला है। चूंकि अब चुनावी आचार संहिता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के जरिए उन्हें मदद मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके पूर्व उनकी पत्नी माधुरी यादव द्वारा विधायक संगीता सिन्हा को ज्ञापन लेकर मदद की मांग की गई थी। जिस पर विधायक ने आचार संहिता हटने के बाद पहला काम उनका ही करवाने का आश्वासन दिया था। जिला प्रशासन से भी सहायता राशि दिलाने की मांग की गई है। इस संबंध में ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम से कलेक्टर को सौंपा गया है। इस दौरान जिले के प्रमुख वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, ब्यूरो चीफ और रिपोर्टर आदि मौजूद रहें।

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