शेखर गुप्ता, दल्ली राजहरा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दल्ली मॉडर्न आर्ट क्लब (डी मैक) द्वारा इस वर्ष विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस आयोजन में लगभग 100 से अधिक महिलाओं को “डी मैक के रत्न” (Jewels of D-MAC) की उपाधि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मॉडलिंग रैम्प वॉक, खेल, नृत्य और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
डी मैक द्वारा महिला दिवस का आयोजन इस वर्ष दो चरणों में किया गया। पहला कार्यक्रम 8 मार्च को “एक शाम मां के नाम” शीर्षक से आयोजित किया गया, जिसमें नगर की बुजुर्ग महिलाओं और नगर पंचायत की सफाई मित्र दीदियों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।
दूसरा और मुख्य कार्यक्रम 14 मार्च 2026 को महाराष्ट्र मंडल भवन, दल्ली राजहरा में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जुंबा क्लास, गरबा क्लास, निर्मला स्कूल, डी.ए.वी. स्कूल, सरकारी स्कूलों की शिक्षिकाएं, गृहिणियां, छात्राएं, प्राचार्य, बैंक कर्मचारी, बीएसपी कर्मचारी, निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं, योगा टीचर, दल्ली नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं और आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हुईं। सभी ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के राज्य गीत “अरपा पैरी के धार” से की गई। इसके बाद छोटे-छोटे बच्चों ने गणेश वंदना पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का माहौल भक्तिमय बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इसके पश्चात कार्यक्रम में आई सभी महिलाओं का फूलों की वर्षा, आरती और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें सम्मान स्वरूप “डी मैक के रत्न” लिखी हुई सैश (कंधे की पट्टी) पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इसमें गायत्री ने प्रथम, किरण ने द्वितीय और पूर्णिमा राठौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा मॉडलिंग रैम्प वॉक, नृत्य और अन्य मनोरंजक गतिविधियों ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने कहा कि डी मैक संस्था हर वर्ष महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करती है, जहां वे अपने दैनिक कार्यों से समय निकालकर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले सकती हैं। संस्था द्वारा सभी धर्मों के त्योहारों को एक साथ मनाकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया जाता है।
कार्यक्रम का समापन राजहरा बाबा मंदिर, गणेश मंदिर, दुर्गा मंदिर और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ किया गया।
