घोष प्रशिक्षण वर्ग 2026 का समापन: 127 प्रशिक्षार्थियों ने लिया प्रशिक्षण, अतिथियों ने बताया अनुशासन व संस्कृति का माध्यम



रायपुर/दुर्ग/राजनांदगांव। सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ (रायपुर, दुर्ग एवं राजनांदगांव विभाग) द्वारा आयोजित घोष प्रशिक्षण वर्ग 2026 का समापन समारोह 27 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों की उपस्थिति रही।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

शाम 7:00 बजे अतिथियों के आगमन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर आचार्या लक्ष्मी देवी, कांति देवांगन एवं रूपमती साहू द्वारा सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।

मुख्य अतिथि सहित गणमान्य रहे मौजूद

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रामभरोसा सोनी (अध्यक्ष, सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर) रहे।
विशेष अतिथि के रूप में—

  • श्री धरमचंद जैन (अध्यक्ष, सरस्वती शिक्षा समिति दल्ली राजहरा)
  • श्री विजय देवांगन (जिला प्रतिनिधि, सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर)
    मंचासीन रहे।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मोहनभाई पटेल (गंगा मैया बाल कल्याण समिति) ने की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

अतिथि स्वागत के पश्चात सुश्री लताशी साहू ने एकल गीत की प्रस्तुति दी।
इसके बाद प्रांतीय घोष प्रमुख श्री महेश सपहा ने वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें प्रशिक्षण की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षार्थियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में

  • इशिकाश्री एवं काव्य पटेल (आनक वादन)
  • श्री दिलीप मरकाम (पंडरिया), तन्मय कवर्धा (शंख वादन)
  • श्री लीलाराम साहू एवं वेदांश साहू (करहीभदर) (वंशी वादन)
    ने अपने अनुभव साझा किए और प्रशिक्षण के महत्व को बताया।

अतिथियों ने बताई घोष की महत्ता

विशेष अतिथि धरमचंद जैन एवं विजय देवांगन ने अपने उद्बोधन में घोष प्रशिक्षण को अनुशासन, संस्कृति और राष्ट्रभावना से जोड़ने वाला माध्यम बताया।
मुख्य अतिथि रामभरोसा सोनी ने कहा कि
“घोष प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में संगठन, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।”
अध्यक्ष मोहनभाई पटेल ने आशीर्वचन देते हुए घोष वर्ग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

127 प्रशिक्षार्थियों ने लिया प्रशिक्षण

इस घोष प्रशिक्षण वर्ग में 18 विद्यालयों से कुल 127 प्रशिक्षार्थी एवं 7 शिक्षक शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में विभाग समन्वयक राजनांदगांव श्री दीपक यादव ने आभार व्यक्त किया।

समारोह में सभी ने इस सफल आयोजन के लिए आचार्यों एवं दीदियों के योगदान की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

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