70 साल पुराना स्वास्थ्य केंद्र बदहाल: रेंगाडबरी में अधूरा भवन, परिसर में मिला मरा कुत्ता—ग्रामीणों में भारी आक्रोश



डौण्डी लोहारा। ग्राम रेंगाडबरी में वर्ष 1950 से संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र आज बदहाली की चरम स्थिति में पहुंच चुका है। नया भवन पिछले 2 साल से अधूरा पड़ा है, जिसके चलते ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।

2 साल से अधूरा निर्माण, खंडहर बना भवन

ग्रामीणों के अनुसार, पुराने जर्जर भवन को तोड़कर वर्ष 2024 में नए भवन का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार ने काम बीच में ही बंद कर दिया।
दरवाजे समेत कई जरूरी कार्य अधूरे पड़े हैं और लगभग 18 महीनों से निर्माण कार्य ठप है। अधूरा भवन अब खंडहर का रूप ले चुका है।

अफसरों की बेरुखी, शिकायत बेअसर

सरपंच पति जयेश जैन ने बताया कि जब इस संबंध में BMO से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इसे अपने स्तर का मामला नहीं बताते हुए फोन काट दिया।
ग्रामीणों ने 07 अप्रैल 2026 को कलेक्टर बालोद को आवेदन भी दिया, लेकिन 22 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई

ठेकेदार का कहना है कि 18 महीने से भुगतान नहीं हुआ, इसलिए बिना फंड के काम आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

स्वास्थ्य केंद्र बना असामाजिक गतिविधियों का अड्डा

ग्रामीणों ने जब अधूरे भवन का निरीक्षण किया, तो अंदर एक मरा हुआ कुत्ता मिला
परिसर में शराब की बोतलें और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के संकेत भी मिले।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्वास्थ्य केंद्र अब नशाखोरी का अड्डा बन चुका है

स्टाफ और सुविधाओं का अभाव

1950 से संचालित इस केंद्र में न तो नियमित स्टाफ बैठता है और न ही दवाइयों की उपलब्धता है।
टीकाकरण और प्रसव जांच जैसी जरूरी सेवाओं के लिए महिलाओं को करीब 5 किलोमीटर दूर मंगचुवा जाना पड़ता है

8 महीने से फाइल लंबित

ग्रामीणों ने बताया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) के पास भी मामला रखा गया था, जहां से जवाब मिला कि फाइल टेबल पर है
लेकिन 8 महीने बीतने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ी, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों का अल्टीमेटम

ग्रामीणों का कहना है कि
“70 साल से स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन इलाज के लिए आज भी भटकना पड़ता है। बच्चों की हालत खराब होती है, तो रातभर तड़पते हैं।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे CMHO कार्यालय का घेराव करेंगे

इस दौरान पालसिंग यादव, महेंद्र निषाद, रघुनाथ निषाद, शेखर निषाद, डोमार सिंह नायक, निरंजन पडौती, टुमन नेताम, रेवाशंकर सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

नेमन साहू, डौण्डी लोहारा की रिपोर्ट

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