बालोद। पारिवारिक विवाद में पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने सख्त सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर की अदालत ने आरोपी डामन लाल गावड़े (36 वर्ष), निवासी हर्राठेमा बड़ेपारा, थाना बालोद को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
घटना का विवरण
प्रकरण के अनुसार, 02 नवंबर 2024 (गोवर्धन पूजा) के दिन शाम करीब 3:30 बजे आरोपी अपनी पत्नी अश्वनी बाई के साथ मारपीट कर रहा था। पड़ोसियों से सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता जागेश्वरी मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप किया।

कमरे में जाकर देखने पर अश्वनी बाई गंभीर रूप से घायल मिलीं, उनके सिर और चेहरे से खून बह रहा था। पानी पिलाने के कुछ ही समय बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम में पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सिर में गंभीर चोट लगने से ही अश्वनी बाई की मृत्यु हुई। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच और अभियोजन

थाना बालोद में अपराध क्रमांक 559/2024 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की गई। प्रकरण की जांच निरीक्षक रविशंकर पांडेय द्वारा की गई, जबकि अदालत में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने प्रभावी पैरवी की।
अदालत का फैसला
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पारिवारिक विवाद बना कारण
जांच में सामने आया कि पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी ने डंडे से पीट-पीटकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी।
यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि घरेलू हिंसा जैसे गंभीर अपराधों पर कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।
