लोन के नाम पर संगठित ठगी का बड़ा खुलासा: 17 से अधिक आरोपी, 11.40 लाख की ठगी का मामला दर्ज

बालोद, 29 अप्रैल 2026। दल्लीराजहरा क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर चल रहे एक संगठित ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए वित्तीय संस्थान को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले इस मामले में 17 से अधिक आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।

फर्जी दस्तावेजों से लिया लोन, बाद में किश्तें बंद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2021 से संचालित ‘अरिहंत फाइनेंस कंपनी’ के माध्यम से वर्ष 2024 में कई लोगों को लोन स्वीकृत किया गया था। शुरुआत में कुछ किश्तें जमा होने से मामला सामान्य लगा, लेकिन बाद में अचानक भुगतान बंद हो गया।
कंपनी द्वारा की गई आंतरिक जांच में सामने आया कि लोन के लिए लगाए गए दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे

शिक्षा विभाग और फायर सर्विस के नाम पर फर्जीवाड़ा

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने खुद को शिक्षा विभाग और अग्निशमन सेवा में कार्यरत बताकर नकली नियुक्ति पत्र और फर्जी वेतन पर्चियां तैयार की थीं। इस सुनियोजित साजिश के जरिए करीब 11 लाख 40 हजार रुपये से अधिक की ठगी की गई।

पूर्व कर्मचारी और एजेंट मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में इस गिरोह का मास्टरमाइंड कंपनी का पूर्व कर्मचारी अजय देवांगन और गरियाबंद निवासी एजेंट अमर मरकाम को माना जा रहा है। दोनों ने कंपनी में रहते हुए ही पूरे फर्जीवाड़े की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने प्रीतम यादव, मुस्कान देवांगन, भागवत प्रसाद साहू, मुकेश कुमार, सूरज कुमार, यादव निषाद, संतोष कुमार यादव, नरोत्तम तारम, अमन कुमार, जगन लाल, विनोद कुमार निषाद, पूनाराम विश्वकर्मा सहित अन्य सहयोगियों को आरोपी बनाया है।

आईपीसी की गंभीर धाराओं में केस दर्ज

दल्लीराजहरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह था, जिसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया।

किश्त वसूली और चेक बाउंस का भी आरोप

मामले में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने नौकरी छोड़ने के बाद भी ग्राहकों से किश्तों की वसूली जारी रखी। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें दिए गए चेक बाउंस हो गए
वहीं कंपनी के वर्तमान सेल्समैन लोकेश कुमार पर दस्तावेज सत्यापन में लापरवाही और कंपनी को गुमराह करने के आरोप लगे हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

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