बालोद। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ द्वारा अपनी औचित्य पूर्ण लंबित मांगों को लेकर 1 फरवरी अनिश्चित कालीन हड़ताल किया जाएगा। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ रायपुर के प्रांत अध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने बताया कि इस संबंध में शासन प्रशासन को सूचना दे दी गई है। मुख्यमंत्री,वन मंत्री, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को हड़ताल की अग्रिम सूचना दी गई है। जिसमें कहा गया है कि उनकी मांगों पर निराकरण नहीं होने की स्थिति में कर्मचारी संघ 1 फरवरी से प्रांत व्यापी अनिश्चित कालीन हड़ताल करेंगे। 25 जनवरी तक शासन को निराकरण करने समय दिया गया है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शासन को जो क्षति होगी उसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
क्या है मांगे
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ की प्रमुख चार मांगे हैं। जिसमें कहा गया है कि लघु वनोपज संघ से वर्ष 2009 में वन कर्मचारी संघ से समझौते के अंतर्गत वन क्षेत्रपाल के 180 पद स्वीकृत किए गए थे। जिन्हें वर्तमान में विलोपित कर संविदा 180 पद में नई नियुक्ति की जा रही है। जिससे वनपालों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है। इसलिए 180 पदों की संविदा पर नियुक्ति तत्काल बंद की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो समस्त वन कर्मचारी लघु वनोंपज़ संघ का कोई भी कार्य नहीं करेंगे। कर्मचारी 24 घंटे अपने कर्तव्य का पालन करते हैं। इसलिए विभाग के वनरक्षकों को ₹2400, वनपाल को ₹2800 और वन क्षेत्रपाल को 4200 रुपए का नया ग्रेड पे स्वीकृत किया जाए। विभाग की सेटअप विगत 10 से 15 वर्षों से पुनरीक्षित नहीं किया गया है। जिससे कार्य क्षेत्र और कर्मचारियों की संख्या में बहुत ज्यादा असंतुलन है। जिससे वन एवं वन्य प्राणी की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। अतः पुनरीक्षित विभागीय सेटअप तत्काल लागू किया जाए। विभागीय सेटअप स्वीकृत 26 मार्च 2003 के बाद नियुक्त किए गए समस्त वनरक्षक का वेतनमान 3050 से 4590 रुपए मान्य किया गया है। 20 जुलाई 2023 के सचिव छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग नया रायपुर के आदेश के परिपालन हेतु वित्त विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के समस्त कोष लेखा, पेंशन, समस्त जिला कोषालय को पालन हेतु निर्देशित करने की कार्यवाही की जाए।
