DAILY BALOD NEWS

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शा.उच्च.माध्य.विद्यालय बघमरा रासेयो सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस में पीएचई विभाग के अधिकारी , रासेयो वरिष्ठ स्वयंसेवक लक्ष कुमार और बघमरा स्कूल के स्टाफ उपस्थित रहे

बालोद। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी राजेश भंडारी के नेतृत्व में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघमरा राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में नशा मुक्त समाज के लिए युवा थीम पर सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन 29 दिसंबर से 4 जनवरी तक देउरतराई में किया है।

इसमें 25 स्वयंसेवक अपनी सेवा दे रहे हैं।
शिविर के चतुर्थ दिवस और नव वर्ष के शुभारंभ पर स्वयंसेवको ने प्रातः प्रभात फेरी करते हुए स्वच्छता और नशा मुक्त समाज के लिए संदेश दिया और गांव के सार्वजनिक स्थलों की सफाई की। चतुर्थ दिवस के बौद्धिक परिचर्चा में पीएचई विभाग से आए प्रयोगशाला सहायक श्री रवि कुमार साहू और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघमरा के भूतपूर्व वरिष्ठ स्वयंसेवक लक्ष कुमार साहू उपस्थित थे । बौद्धिक परिचर्चा का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रेरणा पुरुष स्वामी विवेकानंद और मां सरस्वती की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। जल संरक्षण पीएचई विभाग से आए रवि कुमार ने जल के बचाव और जल में आयरन की मात्रा को कैसे कम करें , जल में उपस्थित नाइट्रेट, क्लोराइड, फ्लोराइड इत्यादि की अधिक मात्रा से होने वाले नुकसान व शुद्ध जल जानने की विधि स्वयंसेवको और ग्रामीण जनों को बताया । बौद्धिक परिचर्चा में उपस्थित स्वयंसेवक लक्ष कुमार साहू ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों को व्यक्तित्व विकास का मंच प्रदान करता है, इससे स्वयंसेवक अपने अंदर की क्षमता को पहचानते हैं , स्वयंसेवक यहां से अनुशासन सीखते है ,टाइम मैनेजमेंट को सीखते है ,कम्युनिकेशन स्किल भी सीखते है। इसके बाद राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा खेले जाने वाले खेल राम रावण युद्ध, रूमाल झपट्टा को बौद्धिक परिचर्चा में आए स्वयंसेवक लक्ष कुमार जी ने शिविर में आए स्वयंसेवकों को खेलाया।
चतुर्थ दिवस के इस शिविर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघमरा से श्रीमती मनीषा शर्मा मैम, श्रीमती रितु साहू मैम , राजेश्वरी ठाकुर मैम एवं फूलेश बेलसर मैम भी उपस्थित थे, जिन्होंने स्वयंसेवको का उत्साह वर्धन किया और शिविर के सफल संचालन के लिए बधाई भी दी तथा रात्रि कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयंसेवकों के द्वारा पारंपरिक नृत्य एवं संदेशप्रद नाटक के माध्यम से लोगों में नशा मुक्त समाज के लिए जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

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