बालोद । किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी ओमप्रकाश सोनबोईर उम्र 54 वर्ष, निवासी एक ग्राम , थाना-गुण्डरदेही, जिला-बालोद (छ.ग.) को लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 8 (दो बार के आरोप में पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 3,000-3,000/- रूपये अर्थदण्ड तथा जुर्माना अदायगी में व्यतिक्रम होने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से छन्नू लाल साहू विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के द्वारा किया गया जिसके अनुसार घटना की संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता की माता के द्वारा दिनांक 16.06.2019 को थाना गुण्डरदेही में आकर लिखित आवेदन दी कि वह घटना दिनांक 08.05.2019 के शाम 07:00 बजे उनकी नाबालिग पुत्री 13 वर्षीय व 11 वर्षीय पीडिता को उनके पति आरोपी ओमप्रकाश सोनबाईर के द्वारा अपने मोबाईल से अश्लील विडियो एवं तस्वीर दिखाकर प्राईवेट पार्ट को हाथ लगाते है, दोनों पीड़िता के द्वारा मना करने पर गाली-गलौच कर मारपीट करते है। आरोपी द्वारा प्रार्थिया को डेढ़ वर्ष पहले मारपीट कर घर से निकाल देने पर प्रार्थिया अपने बहन के घर रायपुर में रहती है। आरोपी द्वारा प्रार्थिया को उनके बच्ची से मिलने जाने पर गाली-गलौच करके बच्चों से मिलने नहीं दिया। दिनांक 11.06.2019 को एक नंबर से बच्चों ने प्रार्थिया को कॉल में बताया कि उनके पापा उन दोनों के साथ मारपीट करते हैं, पापा के साथ नहीं रहना चाहते है, हम रायपुर आना चाहते हैं। तब प्रार्थिया अपने दोनों नाबालिग बच्चों को थाना गुण्डरदेही में जाने की सलाह दी और खुद रायपुर से गुण्डरदेही थाना आयी। दिनांक 13.06.2019 को बाल कल्याण समिति बालोद लेकर आयी तब पीड़िता के द्वारा कथन किया गया कि उनके पापा शाम को शराब पीते हैं और रात में सिर्फ टावेल लपेटकर उनके बाजू में सोते है। मोबाईल में अश्लील वीडियो, गंदा तस्वीर दिखाते हैं तथा प्राईवेट पार्ट को हाथ लगाते है, मना करने पर गाली-गलौच कर मारपीट करते हैं। पीड़िता की माता की लिखित रिपोर्ट के आधार पर प्रधान आरक्षक खुशबू वर्मा के द्वारा अभियुक्त के खिलाफ संहिता की धारा 354 एवं संरक्षण अधिनियम की धारा 8/10 व किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात् अभियोग दिनांक 03.01.2020 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक रोहित मालेकर के द्वारा किया गया।
अपने ही नाबालिग बेटियों को अश्लील वीडियो दिखाकर करता छेड़छाड़, दोषी पिता को पांच वर्ष का कारावास
