बालोद। मानवता का फर्ज निभाते हुए और रक्त की कमी से अनजान मरीजों की जान बचाने के लिए शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुंदा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सक्रिय स्वयंसेवक प्रणव तिवारी ने जिला चिकित्सालय बालोद में जाकर अपना स्वैच्छिक चौथी बार रक्तदान कर मानवता और इंसानियत का परिचय दिया है। साथ रक्तदान करने के लिए लोगों को भी प्रेरित और जागरूक करने का प्रयास किया है। हमारे एक छोटे-से प्रयास से किसी गरीब और असहाय जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिल सकती है। वैसे रक्तदान को महादान कहा गया। हमारे एक बार रक्तदान करने से चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। रक्तदान करने से हमें किसी भी प्रकार की कोई कमजोर नहीं होती बल्कि हमारा शरीर नये रक्त का निर्माण कर लेता है। जिसमें शरीर में स्फूर्ति और ताजगी आती है। और विभिन्न प्रकार की बीमारियों दूर होती है।
इस रक्तदान के पुण्य व नेक कार्य के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना के सक्रिय स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर स्वयंसेवक प्रणव तिवारी ने किया चौथी बार स्वैच्छिक रक्तदान
