अध्यापिका प्रतिभा त्रिपाठी शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय सम्मान की उपाधि के अलंकरण से हुई अलंकृत



बालोद। एम. डी. एजुकेशन सोसायटी सरायपाली एवं श्री मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षक दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय सम्मान समारोह का वर्चुअल कार्यक्रम श्री मौनतीर्थ उज्जैन मध्यप्रदेश के पीठाधीश्वर संतश्री डॉ. सुमनभाई जी के मुख्य आतिथ्य ,सहायक निदेशक केंद्रीय हिंदी निदेशालय मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली की अध्यक्षता एवं ओद्योनिकी एवम वानिकी विश्वविद्यालय शिमला हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। समस्त अतिथि गण वर्चुअल रूप से मंच पर उपस्थित रहे।कार्यक्रम का प्रारम्भ राष्ट्रगान एवं देश के महामहिम राष्ट्रपति एवम प्रधानमंत्री के शिक्षकों के प्रति रिकार्डेड सन्देश से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सुमनभाई के द्वारा गुरु के ब्रह्मा विष्णु एवं शिव स्वरूप की व्याख्या की गई। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ दीपक पांडेय द्वारा गुरु की महिमा की बखान करते हुए श्रद्धा और विश्वास के माध्यम से नयी पीढ़ी के शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ वी के शर्मा के द्वारा शैक्षिक प्रक्रिया में पालक,शिक्षक और बालक के पिरामिड सम्बन्ध की व्याख्या करते हुए चयनित शिक्षकों को बेहतर कार्य जारी रखने हेतु आव्हान किया गया।कार्यक्रम में आयोजन समिति के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों से ऑनलाइन प्रविष्टि मंगायी गयी थी। निर्धारित चयन मापदंड शैक्षणिक चेतनशीलता,शिक्षा गुणवत्ता, साक्षरता वृद्धि,व्यक्तित्व विकास,बेहतर अध्यापन, तथा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका के अनुसार देश भर से प्राप्त प्रविष्ठियों में से प्रावीण्यता के आधार पर 03 शिक्षकों का चयन कर शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय गौरव सम्मान एवं 11 शिक्षकों का चयन शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय सम्मान की मानद उपाधि के अलंकरण से अलंकृत किया गया। छत्तीसगढ़ से केवल एक शिक्षक का चयन किया गया। जिसमें बालोद जिला के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोडेला से अध्यापिका प्रतिभा त्रिपाठी को विद्यालय में शैक्षिक गतिविधियों में डिजीटल सामग्री निर्माण एवं यूट्यूब के साथ इ लर्निंग को बढ़ावा देने,विद्यालय में नामांकन वृद्धि व बालिका शिक्षा , समाज सेवा को बढ़ावा जैसे उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल प्रधान एवं बासंती प्रधान द्वारा किया गया।कार्यक्रम सम्पादन में एम डी एजुकेशन सोसायटी के डायरेक्टर मनोज प्रधान, श्री मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ प्रादेशिक शाखा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष महेंद्र पसायत, चयनकर्ता समिति के सदस्यगण वरिष्ठ हिंदी अध्यापक डॉ.मलकप्पा अलियास महेश कर्नाटक, डॉ.सीमा मोहन नई दिल्ली, साहित्यकार एवं शिक्षाविद धर्मेश जोशी गुजरात,श्रीमती सुशीला देवी हरियाणा एवं शिक्षक विपिन कुमार भट्ट राजस्थान का उल्लेखनीय योगदान रहा।

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