शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मड़ियाकटटा में हरियाली महोत्सव अभियान आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हो रहा अनोखा आयोजन
राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर में नेतृत्व में वन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से चलाया जा रहा ये अभियान

धरती के श्रृंगार को लेकर बच्चों को दिलाई शपथ, निकली साइकिल रैली
बालोद। डौण्डी लोहारा विकास खण्ड के आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकटटा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मड़ियाकटटा में हरियाली महोत्सव अभियान आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अनोखा आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर के नेतृत्व में बच्चों, शिक्षकों ग्रामीणों जनप्रतिनिधियों के साथ अनोखे अंदाज में आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। इस उद्देश्य को लेकर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मड़ियाकटटा में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 17 जुलाई हरेली अमावस्या से रक्षा बंधन 30 अगस्त तक हरियाली महोत्सव अभियान और वन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से एक विद्यार्थी एक पौधा अभियान जारी है। जो 17 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगा। राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने बताया कि इस अभियान के तहत स्कूलों में नो बैंग डे दिन विद्यार्थियों को पौधा लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इको क्लब एवं युवा क्लब बाल संसद बच्चों ने नीम वृक्ष प्राथमिकता से लगाएं चारागाह भूमि सरकारी कार्यालयों स्कूल परिसर अथवा घर में पौधा लगाने और संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जाने क्यों मनाया जा रहा है हरियाली महोत्सव अभियान

प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने बताया कि हरियाली महोत्सव न केवल वर्तमान पीढिंयो के जीवन बल्कि भावी पीढ़ी के जीवन को बनाए रखने और भविष्य सुरक्षा के लिए पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने एवं वन प्रकृति का अनुपम उपहार है, जो प्राणवायु आक्सीजन तो देता है , अनेक उपयोगी जीव जन्तु और औषधियों का भंडार है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों से संबंधित पहल के पुरक के रुप में इस महोत्सव का बेहद महत्व है। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और इस धरती को इकोसिस्टम से जुड़ी विभिन्न सेवाएं प्रदान करने में वन हरियाली महोत्सव की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित करने के उद्देश्य से देश भर में हरियाली महोत्सव अभियान मनाया जाता हैं।
प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है वनों की महत्ता का उल्लेख
प्राचीन काल में वन ऋषि मुनियों का निवास रहा है, आश्रमों का उल्लेख वनों में ही बताया गया है। औषधियों का भंडार तो यह है ही , हमारी पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पृथ्वी पर पीपल जैसे वृक्ष पूजे भी जाते हैं। रामायण में मेघनाथ के प्रहार से लक्ष्मण के घायल होने पर जीवन रक्षक संजीवनी बूटी भी एक वनस्पति ही थी।
ऐसे हो रहा आयोजन

यह महोत्सव आजादी का अमृत महोत्सव तहत किया जा रहा है। वनों के संरक्षण और वृक्ष रोपण के लिए जनमानस में उत्साह उत्पन्न का एक प्रभावी साधन है।
इस अवसर पर राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर नेतृत्व में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मड़ियाकटटा में शिक्षक परसराम साहू भूमिका मोवाड़े दीनदयाल अटल बच्चों इको क्लब एवं युवा क्लब बाल संसद के साथ हरियाली महोत्सव अभियान मनाया जा रहा है।

शिक्षक विद्यार्थियों ने वृक्ष रोपण कर पौधे के साथ सेल्फी ली। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से हुए इस कार्यक्रम में सभी ने पौधों की देखभाल और पालीथिन उपयोग नहीं करने शपथ दिलाई गई। हरेली से शुरू अभियान में धरती के श्रृंगार का आयोजन भी हुआ। अभियान का 30 अगस्त रक्षा बंधन पर पौधा में रक्षा सूत्र बांध कर समापन किया जाएगा। इस अवसर शिक्षक बच्चों को हर रोज़ वृक्ष रोपण पंचायत मड़ियाकटटा में सभी ग्राम वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण वृक्ष नहीं काटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मंत्री अनिला भेड़िया भी हो चुकी है शामिल

इस हरियाली महोत्सव अभियान में विगत दिनों छत्तीसगढ़ शासन के महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री अनिला भेड़िया ने भी शामिल होकर ग्रामीणों एवं बच्चों के साथ ग्राम राहटा में नीम वृक्ष रोपण कर अभियान की प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएं दी है। इस तरह अभियान में बच्चों ने आगे चलकर पर्यावरण संरक्षण वृक्ष रोपण ग्रामीणों प्रेरित कर रहे हैं। हर रोज़ बाल संसद बच्चों शिक्षकों द्वारा ग्राम घोरदा मुण्डाटोला में सायकल रैली निकालकर वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण वृक्ष रोपण का संदेश दिया गया। शाला परिसर सार्वजनिक स्थलों चारागाह भूमि गोठान में वृक्षारोपण कर किया जा रहा है। नाटक वाद-विवाद प्रतियोगिता भाषण प्रतियोगिता चित्र कला निबंध प्रतियोगिता नारा लेखन माध्यम से लोगों को जागरूक करने कार्य किया जा रहा है। हरियाली महोत्सव अभियान में बच्चों शिक्षक परसराम साहू भूमिका मोवाड़े दीनदयाल अटल नारद राम भुआर्य सुनील कुमार अलेनन्द्र सहयोग मिल रहा है।
