बालोद । श्रीमती सरोज नंद दास, प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद (छ.ग.) के – द्वारा आरोपी चित्रकांत सोनकर पिता स्व. अशोक सोनकर, उम्र 27 वर्ष, साकिन ऋषभ नगर बैजनाथपारा दुर्ग, जिला दुर्ग (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 302 के आरोप में आजीवन कारावास व 1,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी चित्रांगद देशमुख, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया, जिसके अनुसार नमिता सोनकर दिनांक 17/05/2019 को अपने पति आरोपी चित्रकांत सोनकर और बच्चे शौर्य के साथ अपने चाचा के घर ग्राम मार्री बंगला गई थी। टिकावन के समय वह अपने पांच माह के बच्चे को दादी के पास सुलाकर गई थी। थोड़ी देर बाद उसका बहन भारती आकर बताई कि शौर्य को चित्रकांत सोनकर उठाकर ले गया है और गाली दे रहा है, तब वह अपनी चाची माया और बहन भारती के साथ शौर्य कुमार को सुलाये स्थान पर गई, वहां बच्चा नहीं होने पर वह बाहर निकलकर देखी तो उसका पति, शौर्य कुमार को लेकर खड़ा था, पूछने पर बोला कि मेरा और बच्चे का ध्यान नहीं रखती हो कहकर उसे मारना शुरू कर दिया, रिश्तेदारों द्वारा मना करने पर आरोपी अपने पुत्र शौर्य कुमार को जमीन में पटक दिया, जिसके कारण बच्चे का सिर सूज गया, जिसे वे लोग अपस्पताल ले गये। दिनांक 18/05/2019 को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में शौर्य कुमार सोनकर को मृत अवस्था में केशव राम सोनकर लेकर आया था. जिसकी सूचना डॉ० कमलेश द्वारा थाना मौदहापारा को दी गई। उक्त सूचना पर थाना मौदहापारा द्वारा मर्ग इंटीमेशन दर्ज कर मर्ग जांच में लिया गया और मग जांच के दौरान मृतक शौर्य कुमार के शव का गवाह के समक्ष शव पंचनामा तैयार कर शव का पी.एम. कराया गया, जिसमें यह बताया गया कि मृतक की मृत्यु “हत्यात्मक” प्रकृति की थी। घटनास्थल देवरी से संबंधित होने के कारण केस डायरी आगे की कार्यवाही हेतु थाना देवरी को प्रेषित किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि घटना दिनांक को अभियुक्त ग्राम मार्री में अपने पुत्र शौर्य कुमार की पटकर हत्या कर दिया है। तत्पश्चात् अभियुक्त के विरूद्ध अपराध क्र०-0069/2019 अंतर्गत धारा 302 भा.द.सं. के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया। विवेचना पश्चात् निरीक्षक नवल किशोर कश्यप द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डौण्डीलोहारा, जिला बालोद (छ.ग.) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से मामला दिनांक 24.06.2018 को माननीय सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में उपार्पित किया गया। जहां विचारण के दौरान आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
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