बालोद। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा के निर्देशानुसार बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के सभी कर्मचारी अधिकारी ने गुंडरदेही विधानसभा के विधायक कुँवर सिंह निषाद संसदीय सचिव छ ग को उनके निवास जाकर सभी कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के डेलिगेशन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमे कर्मचारियों ने विभिन्न माँग रखी। वेतन विसंगति
देय तिथि से महंगाई भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता
इसके सहित 12 अन्य मांगे है। जो कई महीनों से लंबित है। इन सभी मांगों के लिए सरकार द्वारा पिंगुआ कमेटी गठित की गई थी। लेकिन उक्त कमेटी द्वारा आज दिनांक तक सरकार को रिपोर्ट नही सौपी गई है। इसके कारण कर्मचारी जगत में निराशा व आक्रोश व्याप्त है। इस ज्ञापन के दौरान फेडरेशन के वेद प्रकाश यदु ब्लॉक संयोजक छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन गुंडरदेही, धर्मेंद्र कुमार साहू सचिव छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन गुंडरदेही भवानी राम साहू अध्यक्ष लिपिक वर्गीय संघ मनेष कुमार सोनी सचिव लिपिक वर्गीय संघ ठाकुर राम देशमुख संगठन मंत्री लिपिक वर्गीय संघ परदेसी राम ठाकुर, विनोद जायसवार उप प्रांताध्यक्ष मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, देवेंद्र हरमुख जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन बालोद, दिनेश कुमार सिन्हा जिला महामंत्री स्वास्थ्य एवं बहु. कर्मचारी संघ, पुष्पा तारम, एसआर रंगारी ब्लॉक अध्यक्ष मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, बी.आर. गायकवाड़, प्रेमलाल देशमुख, रवि वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष कृषि विभाग, विजय यादव, छबि लाल साहू ब्लॉक अध्यक्ष सहायक शिक्षक फेडरेशन, शैलेंद्र कुमार ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी अधिकारी हैं नाराज
स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष घनश्याम पुरी ने कहा कि लिपिक संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण साथ ही सहायक शिक्षक एवं समस्त एल.बी. संवर्ग की पूर्व सेवा की गणना, वेतन विसंगति एवं समस्त लाभ, शिक्षा विभाग संवर्ग, स्वास्थ विभाग संवर्ग, महिला बाल विकास, वन विभाग, पशु पालन सहित अन्य कर्मचारी संवर्ग का वेतन विसंगति सहित 14 सूत्रीय मांगों के लिए 17 सितंबर 2021 को गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सरकार को तत्काल सौपी जाये। प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को लंबित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृति आदेश जारी किया जाये। जन घोषणा पत्र में उल्लेखित चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाये। साथ ही घोषणा पत्र में उल्लेखित अन्य मांगों को पूरा किया जाए। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा इन माँगों के संबंध में राज्य शासन को समय-समय पर ज्ञापन देकर निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है। फेडरेशन कई चरणों में आंदोलन कर शासन-प्रशासन को जिला कलेक्टर्स के माध्यम से ज्ञापन भी सौप चूका है। निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी आक्रोशित हैं।
