मूक बधिर के साथ दुष्कर्म करने पर प्राकृतिक जीवनकाल तक का मिला कारावास, बच्ची ने जज के सामने प्लास्टिक के गुड़िया के जरिए बताई अपने साथ हुई हैवानियत की दास्तां,,,,



बालोद। सत्र न्यायाधीश डॉ० प्रज्ञा पचौरी, बालोद जिला बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी नीलम कुमार देशमुख पिता शैलेन्द्र देशमुख, उम्र 21 वर्ष, थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद (छ.ग.) को मा.द.वि. की धारा 450 के आरोप में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 /- रू० अर्थदण्ड तथा भा.द.वि. की धारा 376 (2) (ञ) (ठ) के आरोप में आजीवन कारावास (जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास) और 20,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से प्रशांत पारख, लोक अभियोजक बालोद (छ.ग.) के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार घटना की संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया द्वारा थाना- अर्जुन्दा में एक लिखित शिकायत पेश किया कि, उसकी लड़की पीड़िता जो जन्म से मूक बधिर है, थोड़ा बहुत नाम गांव बोल पाती है। दिनांक 29 जुलाई.2020 को सुबह करीब 09:00 बजे प्रार्थिया एवं उसके पति खेत पर किसानी मजदूरी काम पर चले गये थे। प्रार्थिया की लड़की पीड़िता घर पर अकेली थी, जिसे आरोपी नीलम कुमार देशमुख घर के अंदर प्रवेश कर प्रार्थिया की लड़की पीड़िता के साथ जबरदस्ती गलत काम (बलात्संग) की घटना किया है। प्रार्थिया के मजदूरी करके वापस घर आने पर पीडिता ने रोते हुए आरोपी नीलम कुमार देशमुख का नाम बोलकर इशारा मे अपने साथ जबरदस्ती गलत काम करना बताया है। पीडिता की लिखित रिपोर्ट के आधार पर निरीक्षक पद्मा जगत के द्वारा अभियुक्त के खिलाफ भा.द.वि. की धारा 376 (2) (ञ) (ठ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात् अभियोग प्रस्तुत किया गया। पीड़िता ने प्लास्टिक की गुड़िया के माध्यम से घटना की जानकारी इशारों से न्यायालय के समक्ष विशेषज्ञ साक्षी पद्मा साहू की उपस्थिति में दी है। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा किया गया है। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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