रॉन्ग नंबर कॉलिंग से प्यार, गुरुर की नाबालिग को इंदौर के युवक ने बना ली दुल्हन, किया दुष्कर्म, मिला आजीवन कारावास



बालोद। गुरुर थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले 14 साल से कम उम्र की नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले इंदौर के आरोपी को कोर्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पीड़िता और आरोपी की मुलाकात रॉन्ग नंबर के जरिए हुई थी। कहीं फोन लगाते वक्त गलती से पीड़िता द्वारा आरोपी के नंबर पर कॉल चली गई थी। जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई थी और फिर आरोपी द्वारा पीड़िता को बहलाकर, भगाकर अपने साथ गुरुर से इंदौर भगा ले गया। जहां उसके साथ उसने गलत कार्य किया था। बाद में पुलिस पतासाजी के बाद पीड़िता को इंदौर से आरोपी के साथ बरामद किया गया। पूछताछ में घटना का खुलासा हुआ था। जिसमें अब जज ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया है। मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) वालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी रामू यादव पिता गोविंद यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 27 अम्बेनगर इंदौर, थाना हीरानगर इंदौर, जिला इंदौर (म.प्र) को भा.द.वि. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 /- रू० अर्थदण्ड, धारा 366 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 2000/- रू० अर्थदण्ड तथा भा.द.वि. की धारा 376 (2) (झ) (ढ) के आरोप में आजीवन कारावास (जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास होगा) व 3,000 /- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में पैरवी छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) द्वारा की गई। घटना की कहानी अभियोजन के अनुसार पीड़िता के पिता द्वारा दिनांक 27 फरवरी 2019 को थाना गुरूर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी नाबालिग लड़की 26 फरवरी 2019 को घर में बिना को बताये कहीं चली गई है, जिसका आसपास एवं अपने रिश्तेदारों में एवं उसकी सहेली से भी पूछताछ किया एवं मोबाईल नंबर पर कॉल लगाया, किंतु पीड़िता को कोई पता नहीं चला, उसे शक है कि कोई अज्ञात व्यक्ति पीड़िता को नाबालिग होना जानते हुए बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। जिसकी सूचना पीड़िता के पिता ने आरक्षी केन्द्र गुरूर में दिया था, जिसके आधार पर उप निरीक्षक अभिषेक महोबिया के द्वारा पीड़िता के पिता के बताये अनुसार अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संहिता की धारा 363 के तहत् प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। दौरान पुलिस वाले पीडिता / अपहृता को इंदौर में रहने की सूचना पर बरामदगी हेतु इंदौर पहुंचकर अपहृता को आरोपी रामू यादव के कब्जे से बरामद कर बरामदगी पंचनामा तैयार कर सुरक्षार्थ थाना लाकर पीड़िता का कथन लिया गया जहां पीड़िता ने बतायी कि पीड़िता ने अपने मोबाईल से गलत मोबाईल नंबर पर कॉल कर दी जो आरोपी के नंबर पर लग गया, उक्त नंबर पर दोनों के बीच बातचीत होने लगा। फिर एक दिन आरोपी पीड़िता से मिलने इंदौर से गुरूर आकर उसे फोन करके गुरूर आने बोला, जिससे पीड़िता घर में बिना किसी को बताये गुरूर आकर आरोपी के साथ रायपुर से नागपुर फिर नागपुर से भोपाल, फिर भोपाल से 27 फरवरी 2019 के दोपहर 12:00 बजे करीबन इंदौर पहुंचे। जहां एक किराये के मकान में रखकर पीड़िता को नाबालिग जानते हुए भी पत्नी बनाकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। 02 जून.2019 को इंदौर में पुलिस वाले व पीड़िता के परिवार वाले पीड़िता को आरोपी रामू यादव के कब्जे से बरामद कर थाना गुरूर लाये। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में 31 जुलाई 2019 को प्रस्तुत किया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया भया। जहां विचारण के दौरान आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दंडित किया गया।

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