शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के उन्मुखीकरण हेतु प्रशिक्षण का हुआ आयोजन



बालोद। स्कूलों के विकास एवं सुदृढ़ीकरण को ध्यान में रखकर छ.ग. राज्य के समस्त स्कूलों में गठित शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के उन्मुखीकरण हेतु राज्य स्रोत मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा जिला स्रोत दलों का कुल 7 चरणों मे दो-दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बी.आर.सी.सी. सभाकक्ष बालोद में किया गया। उक्त कार्यशाला के प्रभारी जीएल खुरश्याम एपीसी ,जिला परियोजना रा.गा.शि.मि. जिला बालोद द्वारा माँ शारदेय के तैल चित्र पर पूजा अर्चना कर राज्य गीत के साथ प्रारम्भ किया गया। श्री खुरश्याम द्वारा कार्यशाला का उद्देश्य व स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों का शाला के विकास हेतु किये जाने वाले सहयोग पर प्रकाश डाला गया।

उनके द्वारा बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को बहुत अधिक सरकारी अनुदान प्राप्त नही होता है किंतु शाला के विकास एवं बच्चों के शत प्रतिशत उपस्थिति को बनाये रखने में एसएमसी के सदस्यों की महती भूमिका होती है। उनके अधिकारों एवं दायित्वों से उन्हें अवगत कराने पर स्कूलों के विकास में गति आएगी। इस क्रम में जिला के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अनुराग त्रिवेदी का आगमन इस कार्यशाला में हुआ। उन्होंने प्रथम दिवस में जिला के पांचों विकासखंड से आये हुए संकुल समन्वयकों एवं उनके सहयोगी शिक्षकों को शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के उन्मुखीकरण की आवश्यकता क्यों है इस पर सारगर्भित ढंग से प्रकाश डाला गया। राज्य स्रोत के रूप में उपस्थित मास्टर ट्रैनर एन.के.पाटिल, व्याख्याता ने कार्यशाला में श्रेष्ठ पालकत्व पर चर्चा किये। विभिन्न चित्रों एवं उदाहरणो के माध्यम से श्रेष्ठ पालकत्व को बताते हुए विद्यार्थियों के पालकों को जागरूक करने व एसएमसी के सदस्यों की सहभागिता पर विशेष चर्चा किया गया।

इसी क्रम में राज्य स्रोत मास्टर ट्रेनर कैशरीन बेग, व्याख्याता ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को एसएमसी के सदस्यों की सहभागिता स्कूलों के विकास को चरम सीमा तक ले जाने पर प्रकाश डाला गया। अंत मे प्रथम दिवस के इस कार्यशाला में शिक्षकों का ग्रुप विभाजन कर ग्रुप डिसकशन व प्रस्तुतिकरण राज्य स्रोत मास्टर ट्रेनर श्री गंजीर द्वारा कराया गया। इस कार्यशाला में उपस्थित शिक्षक अपने विकासखंड के संकुलों में संचालित स्कूलों के सदस्यों का प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित कर उनके अधिकारों एवं दायित्वों से अवगत कराने को कहा गया।

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