बाल सुरक्षा सप्ताह के तहत होंगे विविध कार्यक्रम, प्रतिभाशाली बच्चों के सम्मान से हुई अभियान की शुरुआत



बालोद जिले के प्रवीण सूची में आये छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खेल स्पर्धाओं में सफलता प्राप्त करने वाले बच्चो को मेडल से सम्मानित किया गया

बालोद। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा, रायपुर के दिशा-निर्देशन पर बच्चों का संरक्षण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए बालकों, अभिवावकों व नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से “बाल सुरक्षा सप्ताह” का पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उद्घाटन किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष सोनादेवी, अध्यक्ष जनपद पंचायत गुण्डरदेही सुचित्रा साहू, नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा, बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी नरेन्द्र कुमार साहू, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कृष्णा साहू, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल व ए. पी.सी. लेखराम साहू की उपस्थिती में “बाल सुरक्षा सप्ताह” के कार्यक्रम के तहत् जिला – बालोद के 10वीं व 12 वीं में प्रवीण सूची में नाम दर्ज किये लगभग 194 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर के कुल 37 खेल स्पर्धाओं में सफलता प्राप्त करने वाले बच्चो को मेडल से सम्मिनित किया गया।

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म वर्ष 1889 में 14 नवंबर को ही हुआ था और वे बच्चों से बेहद लगाव रखते थे। ऐसे में इसे ध्यान में रखते हुए चाचा नेहरू के जन्मदिन को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसके फलस्वरूप बाल सुरक्षा सप्ताह 14 से 20 तक सप्ताहिक कार्ययोजना संचालित कर हमर बेटी हमर मान, साइबर क्राईम के तहत ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया एप्स साइट का उचित उपयोग, व्हाट्सएप फेसबुक मैसेंजर के जरिए अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेलिंग, साइबर बुलिंग, ट्रोलिंग, ऑन-लाइन, एटीएम का सुरक्षित उपयोग किसी एटीएम कार्ड नंबर, पिन नं. सीवीवी नंबर, ओटीपी नंबर, शेयर नही करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने जैसे साइबर अपराधों से बचाव हेतू महत्तवपूर्ण जानकारी साझा की गई।

मोबाइल मोह बच्चों को मोबाइल एडिक्शन की (लत ) ऑनलाइन गेम, सोशल एप्स का अत्यधिक उपयोग करने से जो साइकोलॉजिकल तौर पर दुष्प्रभाव होते हैं जिनके कारण बच्चों की जान तक चली जाती है ऐसे मोबाइल मोह से दूर रहने अपील कर जानकारी दी गई।

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