1 साल पूरे होने पर हुआ वार्षिकोत्सव का आयोजन
बालोद। ग्राम चिल्हाटी कला में गठित कर्मचारी प्रकोष्ठ 1 वर्ष पूर्ण होने पर वार्षिक कार्यक्रम हुआ। कर्मचारी प्रकोष्ठ के सदस्यों द्वारा अनूठी पहल का आगाज करते हुए अध्यक्षता कर रहे राजेश पिस्दा संयोजक कर्मचारी प्रकोष्ठ ने कहा कि हम जिस मिट्टी में जन्म लिए उस मिट्टी का कर्ज हम अपने ग्राम के पढ़ने वाले बच्चों को सही मार्गदर्शन देकर कर सकते हैं। जिससे ग्राम के अधिक से अधिक बच्चे रोजगार की प्राप्ति कर अपना और अपने परिवार के भविष्य को संवार सके।

इसके लिए ग्राम चिल्हाटी कला के 10वीं एवं 12वीं के बच्चों के लिए विशेष कोचिंग का व्यवस्था इस वर्ष किया जा रहा है। आगामी वर्षों में ग्राम के समस्त युवाओं युवतियों के उज्जवल भविष्य के लिए अनेक योजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। इसके लिए सभी कर्मचारी एकजुट होकर इस योजना पर आगे बढ़ने का विचार किये हैं ।ताकि बेरोजगारी से पीड़ित वर्ग रोजगार की ओर आगे बढ़ सके।

टोपसिंग साहू ने कहा कि यह पहल अवश्य हमारे ग्राम विकास के लिए अत्यावश्यक था।वही विशिष्ट अतिथि सरपंच उमेश्वरी साहू ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष की बात है कि अभी तक ग्राम के पंच सरपंच ही ग्राम विकास के लिए आगे आते थे। अब कर्मचारी संगठन हमारे ग्राम के कर्मचारी संगठन से जुड़े भाई बहन आगे आ रहे। हम सबके लिए गौरवान्वित करने वाली बात है। इसके लिए मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूं। कार्यक्रम में राजेश पिस्दा एवम उनके साथियों द्वारा बंगाल का जादू दिखलाया गया। जो बच्चो और बुजुर्गों के लिए बहुत रोचक था। साथ ही डोंगरी के चिरैया ग्राम पोपलाटोला के बच्चे एवम ग्राम के जी एस टी टोली के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति देख कर सबको मंत्र मुग्ध कर दिए।

इस अवसर पर कर्मचारी प्रकोष्ठ से अध्यक्ष दीपक पटेल ,उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर कोषाध्यक्ष कमल कांत साहू सचिव डोमार धलेन्द्र,दशरथ पटेल, रमेश पटेल, तुमेंद्र रात्रे, चिरंजीव कोसमा, प्रेम साहू,कपिल भुआर्य, आशा बाई कोसमा,दुखु राम साहू एवम ग्राम से टोपसिंग साहू(ग्राम प्रमुख) सियाराम पटेल ,मेघनाथ साहू, हिरामन कोशमा, कपिल भुआर्य,रघ्घू मानकर, रोहित पटेल सुकदेव पटेल चिंताराम साहू,भगवती माहेश्वरी,सरोज पटेल ,कुलेश्वरी साहू,निर्मला पटेल,प्रेम पटेल एवन पटेल सहित समस्त ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
मंच संचालन दीपक पटेल द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव मितान के समस्त वालिंटियर का विशेष योगदान रहा।
