मातृत्व वंदना योजना में पैसा जमा करने के लिए आ रहे फर्जी कॉल, पढ़िए बातचीत का तरीका कैसा होता है? रहिए सावधान,,,,



बालोद जिले में हो चुकी है 3 से ज्यादा ठगी

बालोद। सरकार की मातृत्व वंदना योजना के तहत प्रसव के बाद महिलाओं के खाते में पैसा जमा कराने को लेकर फर्जी कॉल आ रहे हैं। खासतौर से बालोद जिले में इसकी काफी शिकायत है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ठगी करने वालों के पास उनकी पूरी डिटेल कहां से मिल जा रही है। क्या उन्होंने सरकारी वेबसाइट को हैक किया है या फिर विभाग से उनकी कहीं कोई मिलीभगत है। जिनसे वे डाटा लेकर प्रसव हो चुकी महिलाओं के घर वालों को फोन कर झांसे में ले रहे हैं। बालोद जिले में से तीन से चार घटना हो चुकी है। तो 2 दिन पहले ग्राम अर्जुनी के टिकेश्वर के पास भी ऐसा ही एक कॉल आया था। हालांकि उन्होंने विगत दिनों सोशल मीडिया में बालोद पुलिस द्वारा इस तरह की ठगी की अपील के बारे में पढ़ा था। तो सतर्कता बरती और पहले तो उन्होंने जानबूझकर बेवकूफी दिखाते हुए सामने वाले से बात की और यह भांपने की कोशिश की कि वह क्या क्या पूछते हैं। फिर अंत में उन्होंने कड़ाई से बातचीत की और कहा कि मैं एसपी सर को लाइन पर ले रहा हूं तो फिर कॉलर ने फोन काट दिया।

साइबर सेल प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी ने कहा कि ऐसे फोन करने वालों से बिल्कुल सचेत रहें। उन्हें बैंक अकाउंट से संबंधित कोई डिटेल ना दे, ना ही यदि वे किसी तरह का पेमेंट लिंक भेजते हैं तो उस पर क्लिक ना करें। अर्जुनी के टिकेश्वर के पास भी उनके व्हाट्सएप पर पेमेंट संबंधित लिंक आया था। उन्होंने उस पर क्लिक नहीं किया और वो ठगी होने से बच गए।

पढ़िए कॉलर व टिकेश्वर के बीच हुई बातचीत के अंश ताकि आप भी रहे सावधान

कॉलर– हेलो मैं आंगनबाड़ी विभाग बालोद से राहुल शर्मा बोल रहा हूं।आपकी पत्नी का डिलीवरी हुआ था। लड़का हुआ था।

टिकेश्वर – हां

कॉलर– आंगनबाड़ी से पेमेंट कितना हुआ है।

टिकेश्वर– मुझे याद नहीं है।

कॉलर– हमारे रिकॉर्ड में ₹6200 आ चुका है।

कॉलर– आपकी पत्नी कहां है?

टिकेश्वर– घर पर है अभी ।

कॉलर– हमारे एकाउंट पर पेमेंट यहां आ चुका है लेकिन आपके खाते में जमा नहीं हो पाया है।

कॉलर– उनका आधार कार्ड नंबर मैं बता रहा हूं आपको।

(उन्होंने आधार नंबर बताएं फिर जन्मदिन भी बताया सब कुछ सही बता रहा था)

कॉलर– अभी आप कहां पर हो

टिकेश्वर– अभी रोड पर हूं काम पर जा रहा हूं।

कॉलर– पेमेंट यहां पर आ चुकी है तो आप कैसे करोगे इसे आप गूगल फोन पे, किस में लोगे पैसा।

कॉलर– आप उनके पति बोल रहे हो ना?

टिकेश्वर– जी हां गूगल पे चलाता हूं सर

कॉलर– आपके पत्नी को कितने टीके लगे हैं

टिकेश्वर– जितना साल भर में लगना चाहिए, लग चुका है सब

कॉलर– ठीक है आप व्हाट्सएप चलाते हो देखिए मैं आपको व्हाट्सएप में “हाय” करके भेजा हूं।

(टिकेश्वर ने व्हाट्सएप चेक किया तो मैसेज आया था फिर एक लिंक आया था जिसमें अमाउंट 8000 लिखा था)

कॉलर– फोटो और डिटेल मिला क्या सर

कॉलर– आपको पहले भी कुछ पेमेंट मिला था

टिकेश्वर– हां मिला तो है पर मुझे याद नहीं, शायद तीन चार हजार है।

कॉलर– आप मुझे हाय लिख कर भेजिए मैं आपको पेमेंट लिंक भेज रहा हूं आप जिसमें भी रिसीव करना चाहते हैं रिसीव कर लेंगे

कॉलर– इस लिंक पर क्लिक कर जो भी चलाते हैं उसमें रिसीव कर लेने कहा, आपका एसबीआई अकाउंट है।

(फिर टिकेश्वर ने कड़ाई से बात करनी शुरू की)

टिकेश्वर– आप कहां से बोल रहे हैं

कॉलर– आंगनबाड़ी ब्रांच से बोल रहा हूं बालोद से

टिकेश्वर– मुझे गूगल फोन पे से कैसे पैसा भेज रहे। कोई स्कीम है क्या

कॉलर– कैसे नहीं है , स्कीम है ना

टिकेश्वर– ऐसा नही होता है रुको मैं एसपी सर से पूछता हूं लाइन पर रहिए बात कीजिए अभी लाइन में लेता हूँ सर से बात करवाता हूं

कॉलर– एसपी सर से नहीं मैं अपने विभाग वाले सर से बात करूंगा, आंगनबाड़ी वाले सर से बात कराइए फिर उन्होंने कॉल काँट दिया।

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