DAILY BALOD NEWS

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अपना अधिकार केवल शासकीयकरण की मांग को लेकर पंचायत सचिव 7 मार्च को बालोद में निकालेंगे रैली

पंचायत सचिवों का एक सूत्रीय मांग परीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण

बालोद। जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिव एक बार फिर हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत उनका जंगी प्रदर्शन और रैली का आयोजन जिला स्तर पर 7 मार्च को और राजधानी स्तर पर 9 मार्च को आयोजित किया गया है।छत्तीसगढ़ प्रांत में विगत 26 वर्षों से 1056 पंचायत सचिव अपनी सेवाएं दे रहे हैं , ग्रामीण अंचल में शासन के समस्त योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य जिम्मेदारी के साथ ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं , संगठन द्वारा अपनी लंबित मांग शासकीय करण के संबंध मैं 26 दिसंबर 2020 से 22 जनवरी 2021 तक कुल 28 दिन शासन का ध्यानाकर्षण करने हेतु गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्वक आंदोलन किया था । पंचायत मंत्री टी एस सिंह देव के आश्वासन पश्चात 22 जनवरी 2021 को हड़ताल स्थगित कर 24 जनवरी 2021 को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रतिनिधि मंडल के साथ चर्चा में भूपेश बघेल मुख्यमंत्री द्वारा माह दिसंबर 2021 में शासकीय करण का सौगात देने का वादा किया गया था। किंतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वादा किए गए समय के 2 माह बीत जाने के बाद भी हमें शासकीय करण के संबंध में कोई सकारात्मक पहल नहीं करने के कारण पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ द्वारा 7 मार्च 2022 को प्रदेश के सभी 28 जिला मुख्यालयों में जिला अध्यक्षों के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में वादा निभाओ रैली निकालकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री , पंचायत मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन एवं अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। जिसमें जिला के सभी पंचायत सचिव उपस्थित रहेंगे। इसके बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में सकारात्मक पहल कर मांग संस्करण को बजट में शामिल नहीं करते हैं तो 9 मार्च 2022 को प्रदेश की राजधानी रायपुर में प्रदेश पंचायत सचिव संघ के समस्त 10568 पंचायत सचिवों द्वारा विधानसभा का घेराव कर मुख्यमंत्री को 1 सूत्री मांग परीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण का ज्ञापन देंगे ।
तिलक राम साहू ( सचिव संघ बालोद ब्लॉक अध्यक्ष) व नरेन्द्र कुमार भारद्वज (सचिव संघ बालोद सचिव) ने कहा कि छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत राज ( जिला पंचायत /जनपद पंचायत /ग्राम पंचायत ) व्यवस्था लागू है , पंचायत राज का आधार स्तंभ ग्राम पंचायत को माना गया है, किंतु जिला/ जनपद में कार्यरत कर्मचारी शासकीय सेवक है और पंचायती राज के आधार स्तंभ माने जाने वाले ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिव आज 26 वर्ष की सेवा बीत जाने के बाद भी शासन द्वारा शासकीय करण नहीं किया गया है। पंचायत सचिव 29 विभागों के 200 प्रकार के कार्य को जमीनी स्तर तक जिम्मेदारी के साथ ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए राज्य शासन एवं केंद्र शासन के समस्त योजनाओं को लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अति महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देते हैं। वर्तमान वैश्विक महामारी कोविड-19 में ग्रामीण जन की सुरक्षा हेतु कोविड से संबंधित सभी प्रकार के कार्य कोविड टेस्ट , कोविड टीकाकरण इत्यादि महत्वपूर्ण कार्य कोसफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। पंचायत सचिव के मेहनत के परिणाम है कि पूरे छत्तीसगढ़ में टीकाकरण कार्य 100% लक्ष्य की प्राप्ति की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ शासन की अति महत्वकांक्षी योजना एवं सभी न्याय योजना जैसे नरवा गरवा घुरुवा अउ बाड़ी के तहत ग्राम गौठान निर्माण, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना एवं मनरेगा के कार्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।

पंचायत दिवस पर छत्तीसगढ़ को मिल चुके 12 राष्ट्रीय पुरस्कार तो सचिवों की मांग के समर्थन में 75 विधायक लिख चुके अनुशंसा पत्र

शासन प्रशासन के दिशा निर्देश एवं पंचायत सचिवों के कड़ी मेहनत तथा कार्य के प्रति लगन एवं सच्ची निष्ठा का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ शासन को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 12 राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है। पंचायत सचिवों को शासकीय करण करने हेतु छत्तीसगढ़ प्रदेश के 75 विधायक गण द्वारा अनुशंसा कर मुख्यमंत्री को अग्रेषित किया गया है। पंचायत सचिव हो कार्य करते हुए 25 वर्ष से अधिक हो गया है पंचायत सचिवों के साथ नियुक्त हुए अन्य विभाग के कर्मचारी जैसे शिक्षाकर्मी , वन कर्मी एवं पीडब्ल्यूडी कर्मी को शासकीय करण किया जा चुका है , कई विभाग के कर्मचारी भृत्य/ चौकीदार भी प्रमोशन पाकर सहायक ग्रेड 3 बन गए हैं। उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत सचिवों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए अविलंब शासकीय करण की मांग की जा रही है।

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