नहीं रुकने देंगे पढ़ाई- स्कूल बंद हुए तो कॉलेज के स्टूडेंट अपने क्षेत्र के छोटे बच्चों को गांव में पढ़ा रहे



बालोद। डौंडीलोहारा शासकीय कॉलेज से जुड़े राष्ट्रीय सेवा योजना के स्टूडेंट अपने-अपने गांव में छोटे बच्चों को इकट्ठा करके पढ़ा रहे हैं। उनका मकसद बच्चों की पढ़ाई अनवरत जारी रखना है। बता दे कि बालोद जिले में कोरोना के चलते की स्कूल बंद कराए गए थे। जो अभी तक नहीं खुल पाए हैं। इससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए पढ़ाई को गति देने व बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए कॉलेज के छात्र छात्राओं ने बीड़ा उठाया और अपने-अपने गांव में बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है।

कोविड -19 की बढ़ती महामारी के कारण सभी स्कूल कॉलेज बंद हो जाने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर अग्रसर होते देख शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडीलोहारा के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवको द्वारा अपने गांव के प्राथमिक और मिडिल स्कूल के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कराया जा रहा है।

यह अभियान महाविद्यालय के प्राचार्य राजू लाल कोसरे व कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण राम भुआर्य के मार्गदर्शन व वरिष्ठ स्वयंसेवकों के द्वारा चलाया जा रहा है। वरिष्ठ स्वयंसेवक धनेश्वर साहू ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से ज्यादातर स्कूल बंद होने के कारण बच्चों का शिक्षण विकास काफी कम हो चुका था। बच्चों को अक्षर का भी ज्ञान नहीं था लेकिन रासेयो के अभियान के तहत बच्चों को अक्षर ज्ञान, गणित, अंग्रेजी का भी ज्ञान कराया जा रहा है।

यहां हो रही पहल

ग्राम डेगरापार से मनिषा राणा, जाटादहा से विनिता, चमेली, खैरीडीह से किरण साहू, अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
इसी दौरान डेगरापार प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने रासेयो के स्वयं सेवकों के सेवा भाव को देख कर उनका उत्साह वर्धन करते हुए उन्हें आशिर्वाद के रूप में शुभकामनाएं दी। बच्चों में भी पढ़ाई को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

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