फर्स्ट डे- सभी क्लास के बच्चे पहुंचे स्कूल-बोले ऑनलाइन में नहीं हो पाती थी पढ़ाई, अब ऑफलाइन क्लास में खुश हैं,,,,,



बालोद। शासन के निर्देश पर 2 सितंबर से छठवीं, सातवीं, नौवीं ग्यारहवीं के बच्चों को भी अब स्कूल में बुलाया जा रहा है। उन्हें ऑफलाइन पढ़ाया जा रहा है। कुल मिलाकर अब स्कूल पूरी तरह से खुल गए हैं और सभी कक्षाओं की पढ़ाई हो रही है। हालांकि 50% की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। 2 सितंबर से स्कूलों में जब सभी क्लास के बच्चे लंबे अंतराल के बाद स्कूल पहुंचे तो उनमें उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि वे अब अच्छे से पढ़ सकेंगे। सांकरा ज हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सुमन पटेल ने कहा कि कई बार ऑनलाइन क्लास में कई चीजें समझ नहीं आती थी। प्रैक्टिकल करने में बहुत दिक्कत होती थी। लेकिन अब कक्षा में बैठकर आसानी से समझ सकेंगे। तो वहीं शिक्षकों से भी हम कोई चीज समझना है तो उन्हें दोबारा पूछ सकेंगे और वह भी अच्छी तरह से हमें पढा सकेंगे।

सांकरा ज हायर सेकेंडरी स्कूल व्याख्याता दिव्या बोपचे व कोमल देशमुख ने बताया कि बच्चों को बारी-बारी से शिफ्ट में बुलाया जा रहा है। मास्क के बिना प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। साथ ही पलकों से भी अनुशंसा पत्र भरवाया गया है और पूरी सुरक्षा के साथ बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। सर्दी खांसी वाले बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा है। इधर पालकों ने भी स्कूल खोलने पर खुशी जाहिर किया। जगन्नाथपुर के पालक वेद कुमार साहू ने कहा कि बच्चे घर में ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। लगभग 2 साल से पढ़ाई प्रभावित हुई थी। घर पर बच्चे बोर हो रहे थे तो मोबाइल में भी पढ़ने में दिक्कत थी। आंख में दर्द की शिकायत थी। अब बच्चे स्कूल जाएंगे तो अच्छे से पढ़ पाएंगे।

कुछ जगह आदेश के इंतजार में नहीं बन पाया भोजन

वहीं कुछ स्कूलों में ये समस्या आई कि शिक्षा विभाग बालोद द्वारा स्थानीय स्तर पर अलग से आदेश जारी नहीं किया था। इस वजह से कई प्रधान पाठक असमंजस में थे कि आदेश जारी होगा तो हम जिन बच्चों को स्कूल में बुलाये हैं, उनके लिए मध्यान्ह भोजन बनवाएंगे। बिना आदेश के कई स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन पहले दिन नहीं मिल पाया। सांकरा मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक टीएस सारथी ने कहा कि अलग से जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी नहीं हुआ है। जिसका हम इंतजार कर रहे हैं। इसलिए छठवीं, सातवीं के बच्चों के लिए भोजन नहीं बना है। इन बच्चों को पूर्व में मोहल्ला क्लास के तहत पढ़ाया जा रहा था। 2 सितंबर से बच्चे कक्षा में आए हैं। तो वही प्रभारी डीईओ बसंत बाघ ने कहा कि अलग से आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है। शासन से जो दिशानिर्देश जारी हुआ है उसी का ही पालन करने के लिए हमने प्राचार्य को निर्देशित किया है। जो स्थानीय स्तर पर इसे लागू करेंगे। जो निर्देश हैं उनका पालन करना अनिवार्य है।

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