DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

उद्यानिकी विभाग को घास जमीन ना देने व शासन द्वारा दिए हुए आदेशों को निरस्त करने भालूकोन्हा के ग्रामीण हुए लामबंद

बालोद/ डौंडीलोहारा। बालोद जिला अंतर्गत तहसील डौंडीलोहारा के ग्राम भालूकोन्हा के सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा विगत दिनों जिला संयुक्त कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर ग्राम भालूकोन्हा के ग्रामीण शासन प्रशासन द्वारा उद्यानिकी विभाग को ग्राम के चारागाह भूमि क्रमसा. खसरा नंबर 25/1,26,27,28,46,47 कुल रकबा 17.55 हेक्टेयर घांस जमीन को न दिए जाने के संबंध में मांग की गई थी। इस संदर्भ में अब तक कोई कार्रवाई नही हुई है जिससे नाराज ग्रामीणों ने दुबारा एसडीएम डौंडीलोहारा को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि पर वर्तमान स्थिति में 300 नग आंवला का फलदार वृक्ष है , एवं उक्त स्थान पर काफी मात्रा में फलदार वृक्ष है, ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल एवं जिला कलेक्टर द्वारा वृक्षारोपण करने के लिए आमजन को जागरूक किया जा रहा है । पर ग्रामवासी को यह समझ नहीं आ रहा है की आखिर विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर की बातों की अनदेखी करते हुए ग्राम भालूकोन्हा चारागाह भूमि के फलदार एवं छायादार वृक्षों को क्यों कटाया जा रहा है। ज्ञापन देने आए संध्या भरद्वाज व वहां के ग्रामीणों का यह भी कहना है की वर्तमान में पशुओं को चराने के लिए चारागाह समस्या उत्पन्न हो रही है एवं चारागाह के लिए घास जमीन के अलावा और कोई अन्य रिक्त स्थान नहीं है । भावना फाउंडेशन के संचालक दीपक थवानी का कहना है कि जहां एक तरफ शासन-प्रशासन पेड़ों को लगाने के लिए नए-नए योजनाएं चला रही है तो इस तरह से जंगल व हरे भरे क्षेत्र में जहां लगभग 1000 पेड़ जो 100 साल से भी पुराने हैं उनको काटा जाना बिल्कुल सही नहीं है हम विकास रोकना नहीं चाहते हैं लेकिन पेड़ों को काटकर विकास करना उचित नहीं है। अन्य विकल्प ढूंढ कर वहां उद्यानिकी महाविद्यालय बनाया जाए। हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। ग्रामवासी उप तहसील स्तर पर 16 सितंबर-2020 आवेदन किए थे, एवं 12 अक्टूबर-2020 को जिला कलेक्टर को आवेदन देकर ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई थी। परंतु आज तक ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया है। भालूकोन्हा के ग्रामवासी सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष डौंडीलोहारा आकर एसडीएम को ज्ञापन देते हुए उक्त चारागाह की भूमि को उद्यानिकी विभाग को ना देने एवं निवेदन करते हुए उक्त भूमि को पशुओं की चारागाह की समस्या को देखते हुए उक्त भूमि को यथावत रखने की बात कही गई। दुबारा एसडीएम को ज्ञापन देने संध्या भरद्वाज, भावना फाउंडेशन के संचालक दीपक थवानी, कांति बाई पंच, मैना बाई पंच, मंजू बाई, त्रिवेणी साहू, संगीता, पुष्पा, उर्वशी बाई, सोनिया, नकुल राम साहू, दीनू राम, रोशन साहू, पोषण लाल, रोमनाथ ताराम, होमेन्द्र, राकेश कुमार, विकास, लोमन साहू, नेहरू राम, मनराखन लाल, सागर, निखिल, एवन कुमार, कृष्णा, द्रोन कुमार, विनय कुमार, चितेश्वर, भीषम कुमार , रमनलाल, मयंक सिंह एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे ।

You cannot copy content of this page