सावधान – बीएसपी में नौकरी लगाने के नाम पर 23 लाख की धोखाधड़ी, फर्जी नियुक्ति पत्र से पकड़े जाने पर चेक दिया वह भी बाउंस, एक धोखेबाज को पकड़ा पुलिस ने, तीन फरार, देखिये कैसे फैलाया था जाल



बालोद/भिलाई – प्रार्थी जोहन लाल खरे पिता श्री नंदलाल खरे उम्र 50 साल निवासी वार्ड नं. 20 दल्‍लीराजहरा जिला बालोद ने बालोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25.01.2020 से 26.09.2020 तक प्रार्थी के पुत्र लाकेश खरे को स्टील अथारिटी ऑफ लिमिटेड (बी.एस.पी) में आपरेटर कम टेकनिशियन के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर तथा फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र जारी कर कुल रकम 23 लाख रू का धोखाधड़ी की गई रिपोर्ट पर आरोपीगण 01.उमेश चन्द्रा सा. श्रीराम हाईटस फ्लैट नं. 607, अवंती विहार रायपुर, 02.वेंकटेश राव सा.भिलाई नगर जिला दुर्ग, 03.मनोज श्रीवास्तव सा.रायपुर चौक टिकरापारा रायपुर, 04.राहुल पटेल सा. सारंगढ़(रायगढ) के विरूद्र थाना बालोद में अप.क 187 21 धारा 420, 467,468,471,120बी भादवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया था। उक्त बड़ी रकम लेकर की गई धोखाधड़ी के अपराध को गंभीरता से लेते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर पोर्ते के निर्देशन में तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी दिनेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक शिशिर पाण्डे के हमराह एक विशेष टीम तैयार कर तकनीकी सहयोग व मुखबीर तंत्र से प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की सघन पतासाजी किया गया। इस कम में आरोपी उमेश चन्द्रा पिता रेशम लाल चन्द्रा उम्र 26 साल सा. श्रीराम हाईट्स फ्लैट नं. 607, अवंती विहार रायपुर को किराये के मकान से हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो भिलाई इस्पात संयत्र (स्टील अथारिटी आफ लिमिटेड) में ओ.सी.टी.के पद पर लाकेश खरे को लगाने के लिये कुल 23 लाख  रूपये फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र तैयार कर प्रार्थी से धोखाधड़ी करना कबूल किया गया साथ ही आरोपी के द्वारा रकम वापसी के लिये 03 नग चेक प्रार्थी को दिया गया था, जो कि सबंधित खाते में रकम नही होने से चेक बाउंस हो गया था। जिसे वजह सबूत में अन्य दस्तावेजों के साथ जप्त किया गया है। विवेचना में आरोपी उमेश चन्द्रा द्वारा नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करना पाये जाने से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश चल रही.

इस तरह आए झांसे में

प्रार्थी जोहन लाल खरे ने बताया पुत्र लाकेश खरे जो कि मेकेनिकल ब्रांच में इंजीनियरिंग पास आउट है, जो भिलाई सेक्टर 4 में कंपीटीशन एग्जाम की तैयारी कर रहा था, जो बी.एस.पी में ओ.सी.टी. पद हेतु फार्म भरा था । उसी दौरान मेरे पुत्र के दोस्त पंकज देवांगन जो सेक्टर 4 में ही लाकेश खरे के पास ही रूम में रहता था जहां उमेश चंद्रा का आना-जाना होता था, जिसके कारण उससे मेरे पुत्र का जान पहचान हुआ । बातचीत के दौरान मेरे पुत्र ने उमेश चंद्रा को बताया कि मेरा बी.एस.पी में ओ.सी.टी. पद हेतु दिनांक 21/01/2020 को परीक्षा है तब उमेश चंद्रा ने कहा कि मेरा बी.एस.पी. के कुछ बड़े अधिकारियों के साथ अच्छी जान पहचान है जिनके माध्यम से मैं तुम्हारा नौकरी लगवा सकता हूं तब मेरे पुत्र के माध्यम से उमेश चंद्रा की मेरे साथ बातचीत हुई और उमेश चंद्रा ने कहा कि मेरे करीबी मनोज श्रीवास्तव है जिसका कोई वेंकटेश नाम का भिलाई स्टील प्लांट में रिक्वायरमेंट सेक्टर में नौकरी में है जिनसे मेरी बात हो चुकी है आप के पुत्र का ओ.सी.टी. में नौकरी लग जाएगा उसके बाद उमेश चंद्रा ने अपने मोबाइल से मनोज श्रीवास्तव और वेंकटेश राव से मेरी बातचीत कराया तब तब वेंकटेश राव ने कहा कि आपका काम हो जाएगा पहले आपके पुत्र को परीक्षा देने दो तब मेरे पुत्र ने दिनांक 21/01/ 2020 को ओ.सी.टी. पद हेतु परीक्षा दिया. उसके बाद उमेश चंद्रा ने मेरे पुत्र के रूम में आकर दिनांक 24/01/2020 को मुझे फोन के माध्यम से कहा कि साहब से बात हो गई है मैं दिनांक 25/01/2020 को बालोद आ रहा हूं दस लाख रुपये नगद दे दीजिएगा कहा.

नगर पालिका बालोद के सामने दिया पैसा

तब दिनांक 25/01/2020 को उमेश चंद्रा अपने मित्र राहुल पटेल के साथ बालोद आया था जहां नगर पालिका बालोद के सामने मैंने अपने दामाद मनोज ठाकुर के समक्ष उमेश चंद्रा को 10,00,000/- (दस लाख रुपये) नगद दिया था जिसे उमेश चंद्रा ने प्राप्त किया था। कुछ दिन बाद जब बी.एस.पी. के ओ.सी.टी. परीक्षा का रिजल्ट आया तब मेरे पुत्र का रोल नंबर सूची में नहीं था तब मैंने फोन के माध्यम से बात किया कि मेरे पुत्र का रोल नंबर सूची में नहीं है, तब उमेश चंद्रा ने कहा कि मैं अंदर से काम करवा रहा हूं, इसलिए सूची में रोल नंबर नहीं है । उसके बाद दिनांक 15.03.2020 को उमेश चंद्रा ने कहा कि आप के पुत्र के मोबाइल पर इंटरव्यूह के संबंध में बी.एस.पी. से मेल आयेगा और मेरे मोबाइल में मेल भी आया, किंतु उमेश चंद्रा ने मेल में बताएं तिथियों पर इंटरव्यूह में जाने से मना किया और कहा कि 5,00,000/-(पांच लाख रूपये) मुझे और दे दो, मैं अंदर से काम करवा रहा हूं, तुम्हारा काम हो जायेगा तब उमेश चंद्रा मेरे बड़े भाई मोहन लाल खरे के सेक्टर 06 भिलाई स्थित मकान में आकर मुझसे 5,00,000/-(पांच लाख रूपये) प्राप्त किया । उसके बाद दिनांक 27.06.2020 को उमेश चंद्रा ने फोन करके कहा कि आपके पुत्र का ज्वाईनिंग लेटर आ गया है आप मेरे रायपुर स्थित निवास में आकर बचे हुए 5,50,000/- (पांच लाख पचास हजार रूपये)  एवं मेडिकल पास कराने का 50,000/-(पचास हजार रूपये)  देकर ज्वाईनिंग लेटर ले जाईये । तब मैंने अपने पुत्र लाकेश एवं उसके दोस्त राकेश टेकाम के माध्यम से उमेश चंद्रा को उनके निवास स्थान में 5,00,000/-(पांच लाख रूपये) भिजवा कर ज्वाईनिंग लेटर प्राप्त किया । इसके अलावा विभिन्न तिथियों पर उमेश चंद्रा ने अपने आने- जाने व अन्य खर्च के लिए कई किस्तों में कुल 2,00,000/- (दो लाख रूपये) अपने मित्र राहुल पटेल के बैंक खाता तथा अन्य खातों में ई- कर्नर के माध्यम से जमा करवाया था ।

भेजा था दो बार फर्जी नियुक्ति पत्र

ज्वाईनिंग लेटर को बी.एस.पी. के संबंधित विभाग में दिखाने पर पता चला कि वह फर्जी है, तब हमने उमेश चंद्रा से संपर्क करने पर ज्वाईनिंग लेटर फर्जी होने की बात बतायी, तब उसने फोन के माध्यम से अपने मित्र मनोज श्रीवास्तव एवं वेंकटेश राव से बात कराया, जिन्होंने कहा कि मैं दूसरी ज्वाईनिंग लेटर जारी करवा रहा हूं तब कुछ दिनों बाद दिनांक 26.09.2020 को उमेश चंद्रा के माध्यम से दूसरा ज्वाईनिंग लेटर प्राप्त हुआ, जिसे भी संबंधित विभाग में दिखाने पर उसे भी फर्जी ज्वाईनिंग लेटर होना बताते हुए पुलिस में शिकायत करने कहा गया ।

चेक देते थे, पर सब बाउंस

तब पुन: उमेश चंद्रा से संपर्क कर दूसरी ज्वाईनिंग लेटर को भी फर्जी होना बताने पर कहा कि वेंकटेश राव आपका पैसा वापस कर दिया है कह कर वेंकटेश राव के नाम का केनरा बैंक शाखा भिलाई (छ.ग.) के खाता का चेक दिनांक 26.09.2020, राशि 16,00,000/- (सोलह लाख रूपये) मुझे प्रदान किया था, जिसे बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया । उक्त चेक अनादरित होने की सूचना देने पर उमेश चंद्रा ने अपने एक्सिस बैंक शाखा रायपुर (छ.ग.) के खाता चेक दिनांक 30.11.2020 राशि 23,00,000/- (तेवीस लाख रूपये)  दिया था जिसे भी बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित (बाउंस)हो गया । इसी दरम्यान मनोज श्रीवास्तव ने भी एक्सिस बैंक शाखा रायपुर (छ.ग.) के खाता का चेक दिनांक 07.12.2020 राशि 18,00,000/- (अठारह लाख रूपये) मुझे दिया था, जिसे भी बैंक में अपने जमा करने पर अनादरित हो गया। इस प्रकार उमेश चन्द्रा ने अपने दोस्तो वेंकटेश राव, मनोज श्रीवास्तव एवं राहुल पटेल आदि के साथ मिलकर बेईमानीपूर्ण आशय से मेरे पुत्र लाकेश कुमार खरे को बी.एस.पी. में ओ.सी.टी. के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर अवैध रूप से कुल 23,00,000/- (तेवीस लाख रूपये) प्राप्त कर लिया है तथा लगातार दो बार कुटरचित/फर्जी दस्तावेज तैयार कर ज्वाईनिंग लेटर देकर तथा उक्त राशि को वापस करने हेतु अलग- अलग तीन बैक खाते का चेक दिया जो सभी बाउंस हुआ.

इनकी रही आरोपी को पकड़ने में भूमिका

इस धोखाधड़ी के अपराध को सुलझाने में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी दिनेश कुमार सिन्हा, थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक जी.एस.ठाक्र,उप निरीक्षक शिशिर पाण्डेय, आरक्षक भोपसिंह साहू, आरक्षक योगेश सिन्हा, सायबर सेल से प्र.आर. रूमलाल चुरेन्द्र एवं आरक्षक मिथलेश यादव व थाना बालोद के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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