विश्व स्वेच्छिक रक्त दान दिवस आज – बालोद के डाक घर में लगी रक्तदान पर जारी रोचक डाक टिकट की प्रदर्शनी



पाकिस्तान से जारी टिकट

बालोद। 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस है। नोबल पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन की स्मृति में पूरे विश्व में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य स्वेच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहन देना एवं उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। 14 जून 1868 को ही महान वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन का जन्‍म हुआ था, उन्होंने ही रक्‍तकणों का ए, बी और ओ समूह में वर्गीकरण किया। इस वर्गीकरण ने चिकित्‍सा विज्ञान में एवं मरीज़ों के इलाज में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया। इस जीवनरक्षक महत्‍वपूर्ण खोज के लिए ही कार्ल लैंडस्‍टाईन को सन 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस मौके पर लोगों को रक्तदान की महत्ता व उसकी विशेषता बताने के लिए प्रेरणा देने शहर के डाक टिकट संग्राहक व चिकित्सक डॉ प्रदीप जैन ने बालोद मुख्य पोस्ट ऑफिस में रक्तदान पर जारी हुए डाक टिकटों की विशेष प्रदर्शनी लगाई है। इस प्रदर्शनी में उन्होंने लड़कियों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करने सहित अलग-अलग राज्यों द्वारा समय-समय पर रक्तदान को लेकर जारी हुए डाक टिकट की प्रदर्शनी की है। इसमें एक टिकट पाकिस्तान का भी है जो 20 पैसे पर जारी हुआ था। तो इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट्स पोस्टल, महाराष्ट्र राज्य एड्स नियंत्रण संस्था द्वारा जारी डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगाई गई है ।बिहार में खासतौर से लड़कियों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करना डाक टिकट जारी किए गए थे। जिसमें थीम दिया गया था कि होशियार लड़कियां रक्तदान करती है तो वहीं जानकार व्यक्ति रक्तदान करते हैं। डाक टिकट के संग्राहक डॉ प्रदीप जैन ने बताया कि आज विश्व रक्तदान दिवस पर लोगों में फैली इनभ्रांतियों को दूर कर उन्हें जागरूक किया जाना आवश्यक है। जिससे उनके दिल में रक्तदान का भय समाप्त हो। दरअसल किसी भी बीमारी या रक्तस्राव की स्थिति में उसकी कमी को किसी दवा से दूर नहीं किया जा सकता है, उसके लिये केवल रक्तदान ही एकमात्र विकल्प होता है। हमारे शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, और हम एक बार में जितना रक्त दान करते हैं, उसकी आपूर्ति 24 घंटे में ही हो जाती है, लेकिन शरीर में उसकी गुणवत्ता पूर्ति में 21 दिनों का समय लगता है। अतः किसी भी व्यक्ति को यह सलाह दी जाती है की वे तीन माह के अंतराल में ही रक्तदान करें।क्योंकि शरीर में लाल रक्त कणिकाए 90 दिनो में पुनः बनती हैं।  रक्तदान से कोई कमजोरी नही आती बल्कि डॉक्टरों के अनुसार नियमित रूप से रक्तदान करने पर दिल से जुड़ी बीमारी से बचाव होता है।  

कौन कर सकता है रक्तदान-

प्रत्येक16 वर्ष की आयु से लेकर 60 वर्ष की आयुवर्ग का व्यक्ति, जिसका वजन 45 किलो से अधिक हो,
और जो हेपेटाइटिस बी, सी या, एचआईवी या वी॰डी॰आर॰एल॰पॉजिटिव न हो । इसके अलावा रक्तदान के पहले रक्त की मात्रा अर्थात् हीमोग्लोबिन की जांच होना चाहिए, यदि आप धूम्रपान करने के आदि हैं, या शुगर या थाइरॉइड की दवा ले रहें तो रक्तदान के पहले अवश्य बताये। वर्तमान में हमारे देश की रक्त की ज़रूरत का 75 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पाता है अतः अभी भी आवश्यक है की हम रक्तदान के डर को दूर कर अपने नज़दीकी ब्लड बैंक में जाकर समय समय पर रक्तदान कर जीवन दान करने में सहभागी बने।रक्तदान पर जागरूकता हेतु बालोद के डाक टिकट संग्राहक डॉ प्रदीप जैन द्वारा स्थानीय पोस्ट ऑफ़िस में इस विषय से सम्बन्धित डाक सामग्रियों की प्रदर्शनी लगायी गयी है।

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