बालोद व धमतरी हर हफ्ते के 6 दिन अनलॉक, पर संडे को लागू रहेगा पूर्ण लॉकडाउन, दोनो जगह कलेक्टर ने जारी किया आदेश



वीडियो धमतरी कलेक्टर

बालोद जिले में प्रत्येक रविवार को पूर्ण लॉकडाउन
जिला अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र में आगामी
आदेश पर्यन्त धारा-144 लागू रहेगा

बालोद/ धमतरी (दादु सिन्हा)- बालोद व धमतरी से लॉकडाउन हट गया है पर रविवार को पूर्ण लॉकडाउन का नियम लागू रहेगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोग भीड़ में लापरवाही न बरतें। बालोद कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि बालोद जिला अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए जिले में सार्वजनिक आवागमन एवं अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हैं। वर्तमान परिस्थितियों में भी जिले में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अतः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेमिक एक्ट 1897 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन इस कार्यालय के आदेश दिनांक 25 मई 2021 में अधिक्रमित करते हुए निम्नलिखित आदेश जारी किया गया है :-
बालोद जिला अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र में आगामी आदेश पर्यन्त धारा-144 लागू रहेगा। प्रत्येक रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रखा जाएगा जिसके दौरान केवल अस्पताल, क्लिनिक, मेडिकल दुकान, पेट्रोल पंप, शासकीय उचित मूल्य दुकानें, पैट शॉप तथा इस कार्यालय द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश दिनांक 25 मई 2021 के तहत् निर्धारित समयावधि में एल.पी.जी., न्यूजपेपर, दुग्ध/फल/सब्जी तथा अनुमति प्राप्त अन्य वस्तुओं/सेवाओं की होम डिलीवरी के संचालन की ही अनुमति होगी। राजस्व न्यायालय में प्रकरणों की सुनवाई और दिन-प्रतिदिन के कार्य संपादित किए जाने की अनुमति इस शर्त के साथ दी गई है कि शारीरिक/ सामाजिक दूरी तथा मास्क लगाए जाने एवं कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का पालन किया जाएगा, साथ ही सीमित संख्या में प्रकरणों को सुनवाई हेतु नियत किया जाए। अन्य प्रतिबंधात्मक आदेश पूर्ववत रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

इधर देखिये धमतरी का आदेश
धमतरी कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम हेतु आगामी 13 जून तक के लिए सशर्त अनलॉक संबंधी आदेश पारित किया है, जो कि सम्पूर्ण जिले में प्रभावशील रहेगा, जारी आदेश के तहत विभिन्न गतिविधियां में प्रतिबंध और संचालन के लिए निर्देश दिए गए हैं, इसके तहत आगामी 13 जून तक सभी सिनेमा हॉल, थिएटर, स्वीमिंग पूल, वॉटर स्पोर्ट्स, पर्यटन स्थल में पिकनिक, चौपाटी के रूप में चिन्हांकित स्थलों में दुकानों का संचालन, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, रैली, राजनैतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सभा, धरना प्रदर्शन को प्रतिबंधित किया गया है, प्रतिबंधित सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं हर रोज सुबह छः से शाम छः बजे तक संचालित रहेंगी,शाम छः से सुबह छः बजे तक सम्पूर्ण जिले में नाईट कर्फ्यू लागू रहेगा,शाम छः बजे से रात दस बजे तक जिन व्यवसायों को संचालित करने की अनुमति दी गई है, उनमें होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा 50% बैठक क्षमता के साथ, क्लब, बार, शादी गृह, धर्मशाला, ठेलों में घूम-घूमकर अथवा स्थायी रूप से खाद्य पदार्थ बेचने वाली इकाईयां जैसे-चाट, चाउमीन, एगरोल ठेले इत्यादि शामिल हैं,
जारी आदेश में कहा गया है कि 13 जून तक जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत विवाह कार्य संपादित किया जा सकता है, किन्तु वर-वधु दोनों पक्षों को मिलाकर केवल 20 व्यक्ति ही विवाह में शामिल हो सकेंगे,इसके लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसमें सम्मिलित होने वाले 20 व्यक्तियों का नाम आवेदन में लिखकर देना होगा, एसडीएम विवाह संबंधी आदेश में इन 20 व्यक्तियों के नाम को अभिप्रमाणित कर उसमें सील लगाएंगे,बताया गया है कि लॉकडाउन अवधि अथवा उसके बाद आगामी आदेश तक धर्मशाला, होटल, मैरिज पैलेस, शादीगृह कार्यक्रम में अधिकतम 20 व्यक्तियों के साथ ही संचालन की अनुमति होगी,विवाह कार्यक्रम के संचालन में लगने वाले सभी सेवा प्रदाता यथा कैटरिंग इत्यादि को मिलाकर अधिकतम शामिल व्यक्तियों की संख्या 30 हो सकती है, आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि विवाह कार्यक्रम में ऑर्केस्ट, मनोरंजन से संबंधित किसी भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकेगा,
इसके अलावा सभी देव उपासना के स्थल आम व्यक्तियों के लिए खुले रहेंगे, लेकिन उन स्थलों में परिसर के भीतर एक बार में 20 से अधिक व्यक्तियों का प्रवेश निषेध रहेगा,जिले में आगामी 13 जून तक किसी भी प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन जैसे मेला, धार्मिक पर्व इत्यादि को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार जिले के भीतर सभी पर्यटन स्थल उक्त अवधि में बंद रहेंगे, लेकिन पर्यटन के रूप में चिन्हांकित सभी रिसॉर्ट इत्यादि खुले रहेंगे। वॉटर स्पोर्ट्स से संबंधित गतिविधियां केवल इनहाउस गेस्ट के लिए चालू रहेंगी,आगामी आदेश तक जिले के ग्रामीण तथा नगरीय निकाय क्षेत्र में लगने वाले सभी साप्ताहिक हाट-बाजार बंद रहेंगे।
जिले के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय कार्यालय खुले रहेंगे, जिसमें 50% कर्मचारियों की उपस्थिति मान्य की जाएगी, शेष कर्मचारी घर में बैठकर कार्यालय प्रमुख द्वारा दिए गए कार्य को संपादित करेंगे,गौरतलब है कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी शासकीय कर्मचारी को कार्यालय प्रमुख अपने कार्यालय में कार्य संपादन के लिए बुला सकते हैं। जिले में सभी तरह की परिवहन सेवाएं बिना किसी समय बाधा के संचालित रहेंगी,इसी तरह गोदाम एवं मंडियां सामान्य कार्यावधि के अनुरूप संचालित हो सकती हैं, साथ ही जिले में संचालित उद्योग, फैक्टरी में 24×7 कार्य संपादित किया जा सकेगा, किन्तु उद्योग संचालक को कोविड संक्रमण से बचने के सभी उपायों का कड़ाई से पालन करना होगा,जिले के भीतर आवागमन के लिए किसी प्रकार की पास की आवश्यकता नहीं है,किन्तु अंतर्राज्यीय पास यदि आवश्यक हो तो अनुविभागीय दण्डाधिकारी वास्ते कलेक्टर के नाम से जारी कर सकते हैं,
इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला दण्डाधिकारी द्वारा जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है, इसके तहत सार्वजनिक स्थलों में थूकने पर 200 रूपए, मास्क नहीं पहनने, छूट अवधि के बाद घूमते पाए जाने तथा दुकानों के भीतर सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने पर 500-500 रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा,प्रतिबंधात्मक दुकानों का संचालन करते पाए जाने पर 2000 रूपए और होम आइसोलेशन के नियमों का उल्लंघन करने, धनात्मक व्यक्ति द्वारा दुकान खोलने और बिना डॉक्टरी प्रिसक्रिप्शन के मेडिकल दुकान में दवा बेचने पर 5000-5000 रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा, अर्थदण्ड अधिरोपित करने का अधिकार सभी ग्रामीण तथा नगरीय निकाय, पुलिस अधिकारियों को प्रदाय किया गया है,अर्थदण्ड से प्राप्त राशि तत्काल शासकीय खजाने में चालान के जरिए जमा किया जाएगा और इसकी सूचना संबंधित कार्यालयों को अगले कार्यदिवस तक किसी भी स्थिति में देनी होगी।
जारी आदेश के तहत रविवार को सम्पूर्ण लॉकडाउन लागू रहेगा, रविवार को लॉकडाउन अवधि में अस्पताल प्रबंधन से संबंधित सेवाएं, पेट्रोल पम्प, गैस डिलीवरी, मिल्क पार्लर, फायर ब्रिगेड, स्वच्छता, पेयजल तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित सेवाएं चालू रहेंगी। बताया गया है कि उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता 1860, की धारा 188, ऐपीडेमिक एक्ट 1897, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धाराओं के तहत कठोर तथा दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी,कलेक्टर ने उक्त आदेश का कड़ाई से पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।

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