हाथियों के दल ने डौंडी ब्लाक के मंगलतरई में मचाया तांडव, हाथियों ने कुचलकर एक किसान की ली जान
दीपक मित्तल (विशेष संवाददाता) दल्ली राजहरा/ डौडी– हाथियों के दल ने गत रात्रि डौंडी ब्लाक के बैलोदा, सिंघोला मंगलतरई क्षेत्र में अपनी दस्तक दी है. किसान को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया , मृतक भगवान सिंह कुमेटी हाल निवास छापरपारा मंगलतराई मूल निवासी आमापारा शांति नगर बालोद उम्र 50 वर्ष रात लगभग एक बजे अपने भाई सहित खेत की रखवाली कर रहे थे, तभी लगभग
20 -25 हाथी के दल पहुंचने पर दोनों अलग अलग दिशा में भागे. भगवान सिंह को लगभग एक किलो मीटर दौड़ाने के बाद चंदा हाथियों के दल ने रौंद दिया और भगवान सिंह की मौत हो गई. घटना के बाद लाश दुसरे दिन यानी बुधवार को दोपहर में बरामद में हुई रात में दहशत में ग्रामीण उसे तलाश नहीं पाए . इस घटना के बाद क्षेत्र में काफी आक्रोश है, दहशत भरा माहौल बना हुआ है, अरज गुंडरा, बैलोदा, मंगलतराई, सिंघोला सहित क्षेत्रवासियों के अनुसार 22 से 25 हाथियों का दल डौंडी ब्लाक में पुनः आ गया है, जनवरी के प्रथम सप्ताह में हाथियों का दल वापस जा चुका था, कोविड-19 कोरोनावायरस लॉकडाउन के बाद हाथियों का दल फिर से डौंडी ब्लाक में आ धमका, पूरे क्षेत्र में भय दहशत डर खौफ का माहौल बना हुआ है, पूर्व में भी हाथियों के दल ने डौंडी ब्लाक में काफी तांडव मचाया था, दर्जनों लोग के फसलों को नुकसान हुआ था, काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की अथक मेहनत के बाद हाथियों का दल वापस लौटा था, परंतु गत रात्रि डौंडी ब्लाक के मंगलतरई सिंघोला बैलोदा के जंगलों में आ पहुंचा है, कांग्रेस आदिवासी नेता भोलाराम नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि हाथियों के दल के पुनः वापसी से क्षेत्र में डर भय का माहौल बन गया है, ग्रामवासी रतजगा करने लगे हैं, अचानक से 20 से 25 हाथियों का दल के आ जाने से ग्रामवासी डर गए हैं, उन्होंने बताया कि स्थानीय जिला प्रशासन के अलावा वन विभाग के अमले को जानकारी दे दी गई है, बरहाल 20 से 25 हाथियों का दल डौंडी ब्लाक के मंगलतरई जंगल में देखा गया है, डौंडी ब्लाक के विभिन्न पंचायत क्षेत्र में हाथियों के दल ने किसानों के खेतों में काफी नुकसान पहुंचाया, लगातार हाथियों का दल क्षेत्र में विचरण कर रहा है, पिछले 24 घंटों में जंगली हाथियों के दल ने जबरदस्त नुकसान किया है, किसानों के बीच काफी आक्रोश व्याप्त है, लोग डरे सहमे हैं, घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, वही दूसरी ओर वन विभाग का अमला भी सक्रिय नहीं है, जिसके कारण क्षेत्र में नाराजगी देखने को मिल रही है. जंगली हाथियों के दल ने घोटिया क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है. वर्तमान में क्षेत्र में 25 हाथियों का दल घूम रहा है और लोगों को कुचल रहा है ,किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों सहित अन्य को नुकसान पहुंचाने का सिलसिला जारी है.
5 माह पहले लिमऊडीह में हुई थी पहली मौत
करीब 5 महीने पहले बालोद जिले में ही डौंडी ब्लॉक में जंगली हाथियों के झुंड द्वारा कुचले जाने से 17 साल के लड़के की मौत हो गई थी । अंधेरे में गिरे टॉर्च को खोजने के दौरान नाबालिग हाथियों के झुंड की चपेट में आ गया था । इसके बाद हाथियों ने उसे कुचल डाला और सूंड में लपेटकर पटका दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी । डौंडी क्षेत्र के लिमउडीह गांव में रहने वाले लोगों को रात के वक्त यहां जंगली हाथियों के झुंड के आने की खबर फैली। ग्रामीण हाथियों को खदेड़ने के लिए शोर मचाने लगे। ग्रामीणों में 17 साल का डोमेंद्र धुर्वे भी शामिल था। हाथियों को भगाते वक्त डोंमेंद्र के हाथ से टॉर्च गिर गई। वो अंधेरे में अपनी टॉर्च खोजते हुए हाथियों के करीब चला गया। इसी दौरान एक हाथी ने उसे सूंड से पकड़कर पटक दिया और फिर उसे कुचल दिया। इस दौरान डोंमेंद्र बुरी तरह से घायल हो गया। काफी खून बह जाने की वजह मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी ।
निगरानी की खुली पोल
एक तरफ वन विभाग का अमला कह रहा है कि हम 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं लेकिन इस तरह की दूसरी घटना कई सवाल खड़े कर रही है। हाथी दुबारा धमतरी जिले से बालोद जिले में आये और यह घटना हो गई। वन विभाग रात में भी गस्त दल तैनात करता है। जिनका काम हाथियों का लोकेशन देखना व बस्ती की ओर जाने से रोकना है। किसी भी बिगड़ते हालात की सूचना देना है लेकिन इस मामले में कहां चुकी हुई है यह भी जानने का विषय है? इन्ही हाथियों के दल ने नवंबर 2020 में वन विभाग के तीन कर्मचारियों पर भी हमला किया था. हालांकि जहां घटना हुई वहां गस्त टीम तैनात होने की बात अधिकारी कह रहे।
डीएफओ ने कहा जानकारी मिली है दो किसान रात में गांजा पीने गए थे खेत, हमने करवाई थी मुनादी

इधर इस मामले में डीएफओ मयंक पांडे का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि इलाके को पूरी तरह से अलर्ट किया गया था। गांव में मुनादी कराई गई थी कि कोई खेत की ओर भी ना जाए। रात में खेत की ओर तो जाना ही नहीं था। तो वहीं हमारी जांच में यह बात पता चली कि मृतक व उनका भाई किसान दोनों रात में गांजा पीने के लिए खेत की ओर गए थे। क्योंकि रात में खेत में निगरानी करने का कोई सवाल ही नहीं। जब वहां हाथियों का झुंड घूम रहा है। कहीं ना कहीं या किसानों की ही लापरवाही है। उन्होंने सभी किसानों व लोगों से अपील की है कि वह घरों में ही रहे। खेतों या जंगल की ओर ना जाएं। वहीं घरों में महुआ वगैरह भी ना रखें। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन को तत्काल सहायता राशि के रूप में ₹25000 बालोद में दिया जाएगा। अन्य मुआवजा पौने 6 लाख रुपये जल्द दिलवाने का प्रयास करेंगे। बालोद जिले में हाथियों से मौत की यह दूसरी घटना है। इधर आमापारा बालोद के पार्षद योगराज भारती ने भी कहा कि मृतक भगवान कुछ माह से अपने भाई के यहां गया था। उनकी पत्नी का निधन हो गया है ।परिवार में एक लड़का व दो लड़कियां हैं। लड़कियों की शादी हो गई है।
