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बालोद जिले के इस अधिकारी ने की अपील – टीकाकरण को लेकर ना फैलाए भ्रांति, इससे कोई खतरा नहीं है, मौत की वजह वैक्सीन नहीं, 15 गांव में लोग टीका लगाने सामने नहीं आ रहे, ऐसे लोगों को समझाने की जरूरत

बालोद/गुरुर – गुरुर के एसडीएम अमित श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर किसी तरह की भ्रांतियां ना फैलाए। कुछ एक लोगों की टीका लगवाने के बाद अन्य कारणों से मौत हो रही है। इसको लेकर लोग भ्रांति फैला रहे हैं कि टीका के कारण हो रहा है। जो कि ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि टीका लगाने के बाद जो खत्म हो रहे हैं उनके पीछे उनकी शारीरिक कमजोरी है। जो कोरोना के शिकार होते हैं। हमारे ब्लॉक में 10 से 15 गांव ऐसे हैं जहां पर वैक्सीनेशन की कमी है। ग्राम पलारी में 60 से 70 लोग पॉजिटिव हैं। इसके बाद भी लोग टीका लगवाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इसलिए इस भ्रांति को दूर करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि संक्रमण हमारे शरीर के अंदर ना जाए इसके पहले ही हमें वैक्सीन लगवा लेना है। लोगों को सामान्य सर्दी बुखार भी हो सकते हैं। हमें सिर्फ अपने आप पर नजर रखना है। ऐसी स्थिति ना आने दे कि हमें तत्काल अस्पताल जाना पड़े और हमें बेड की जरूरत पड़ जाए। अस्पतालों में और क्लीनिक में बहुत भीड़ लगी रहती है ऐसा ना हो। हम डॉक्टर को फोन करके भी दवाई पूछ सकते हैं। अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग भी मेंटेन करेंगे तो चेन टूट जाएगी और अपने आप कंट्रोल हो जाएगा। हमें भीड़ से बचना है। लॉकडाउन खुलेगा तब भी हमें ऐसे ही दूरी बनाकर रखनी है। घर में जिस व्यक्ति को सामान लेने जाना है वही निकले। बाकी कोई भी न निकले। हमें तब तक घर से बाहर नहीं निकलना है जब तक हमें कोरोना का सेकंड डोज नहीं लग जाता है। सेकंड डोज के बाद फिर संक्रमण कम होने लग जाएगा।

अपना अनुभव इस तरह बताया

उन्होंने खुद का टीका लगवाने के बाद अपना अनुभव बताया कि मुझे पहला डोज लगने के बाद 1 दिन बाद बुखार आया था। 2 दिन तक हरारत और शरीर में दर्द रहा फिर तीसरे दिन ठीक हो गया। केवल पेनरिलीफ गोली खानी पड़ेगी। शरीर का दर्द ठीक हो जाता है। यही लक्षण भी है कि इंजेक्शन काम कर रहा है। सेकंड डोज पता नहीं चलता। सेकंड डोज रोस्टर्स होता है जो एंटीबायोटिक फास्ट डेवलप करता है। वही बीमारी से लड़ती है और आदमी बच जाता है। अगर संक्रमण होगा तो उसे हल्का सर्दी खासी टाइप होगा और जल्दी ठीक भी हो जाएगा। एसडीएम ने कहा कि पहले और दूसरे डोज में गेप ज्यादा होता है तो एंटीबायोटिक जल्दी डिवेलप होता है। पहला डोज के बाद भी आदमी काफी सुरक्षित हो जाता है। बीमारी से लड़ने वाली शक्ति हमारे अंदर आ जाती है। तो आदमी को एक विश्वास भी हो जाता है कि मेरे अंदर कुछ है जो मुझे बीमारी से बचा लेगी।

15 गांव में जाएगी वैक्सीनेशन को लेकर जागरूक करने गाड़ी

एसडीएम अमित श्रीवास्तव ने कहा कि मैंने नगर पंचायत की ओर से एक जागरूकता गाड़ी भी रवाना की है। जिसमें स्लोगन के माध्यम से लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित की जाएगी। जो प्रमुख 15 गांव में जाएगी। उन गांव में प्रमुख रूप से ग्राम पलारी, कन्हारपुरी, बालोद गहन, कनेरी, मोहारा, कोसागोंदी, चिटॉद, बागतराई, डढारी, खुंदनी, भूलनडबरी, मोखा, चंदनबिरही, कोलिहामार, पेंडरवानी, कंवर, पेरपार, फागुनदाह, दुबचेरा, तार्री, सांगली शामिल है। एसडीएम ने कहा कि वर्तमान में मास्क से ज्यादा जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग है। अपने आप को बचाने का एक ही रास्ता है कि संपर्क से दूर रहो। बिल्कुल बिल्कुल ही दूर रहे।

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