बालोद की बेटियां अपने ससुराल से कर रही लोगों को कोरोना से बचाव के लिए प्रेरित, सोशल मीडिया में वायरल हुआ इनका प्रेरक वीडियो, कोई खुद ही कोरोना से जूझ रही तो कोई जीत चुकी इससे जंग



ये खुद भी कोविड ड्यूटी भी कर रहे हैं ,पति हास्पिटल में है या पुलिस में, वहां जोखिम भरी ड्यूटी में हैं, ये सभी बेटियाँ बालोद के कन्या शाला में साथ पढ़ी हैं,, बहुत लंबा समय बीतने के बाद भी इनकी दोस्ती कायम हैं आपसी जुड़ाव से वाट्सप में ग्रुप बना कर एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं,मैसेज सब तक पहुँचे और पहुँचाने की अपील इन बेटियों की है

देखिये वह वायरल वीडियो

कादम्बिनी ने कहा है कि अगर किसी को किसी भी तरह की हेल्प चाहिये तो उनसे बात कर सकते है जितना सम्भव होगा वो सहयोग अवश्य करेंगी

बालोद बालोद जिले की रहने वाली बेटियां शादी के बाद अपने ससुराल में जहां जहां जिस मुकाम पर है वहीं से वह प्रेरक वीडियो बनाकर लोगों को कोरोना से बचने की अपील कर रहीं हैं। तो वे लोगों को प्रेरित करते हुए एक वीडियो बनाई है जो इन दिनों काफी चर्चा में है। वीडियो का नेतृत्व कर रही बड़गांव हायर सेकेंडरी स्कूल की व्याख्याता कादम्बिनी यादव के छोटे से प्रयास से यह सफल हुआ है। जिन्होंने अपने कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ी सभी सहपाठियों के वाट्सअप समूह में ये बात रखा। जो जहां है वहीं से ही एक-एक प्रेरक वीडियो तैयार किये और ये प्रयास सफल रहा और फिर एक ज्वाइंट वीडियो बनाकर रिलीज किया गया। कादम्बिनी यादव के पति लोकेश पारकर गवर्मेंट हास्पिटल नवापारा राजिम में एएमओ हैं। अपने पति के कोरोना काल के दौरान किए जा रहे प्रयास से प्रेरित व स्वयं लोगों को मास्क बांटकर और हर सम्भव सहायता करते हुए ,सुरक्षा के उपाय के लिए प्रेरित करने वाली कादम्बिनी ने इस वीडियो के जरिए एक नया संदेश दिया है तो वही उनके सभी सहपाठी साथियों ने भी अपना अपना वीडियो साझा करके सभी ने एक-एक संदेश जारी किया है। बेटियां वीडियो में कह रही है कि हमें कोरोना से डरना नहीं है उससे लड़ना है।

बेटियां इस तरह से दे रही इस वीडियो में प्रेरणा

इस वीडियो के जरिए बेटियां संदेश दे रही है कि कोरोना को हराना है, सकारात्मकता लाना है फिर से खुशहाली लाना है। वीडियो में पहला संदेश कादम्बिनी यादव लोकेश पारकर का है। जिसमें वह माता रानी से प्रार्थना कर रही कि इस महामारी से हमें मुक्त कर दो, इस चिंता की घड़ी से हम बाहर निकल जाए। हमें कमजोर नहीं होना है। हमें हिम्मत नहीं हारना है। एक दूसरे से दूर रहकर साथ बने रहना है। ऐ बुरे वक्त जरा अदब से पेश आ, वक्त को कितना वक्त लगता है गुजर जाने में। शबाना खान ने कहा कि वह एएमओ है वह लगातार ड्यूटी कर रही है। उन्होंने कहा कि आप सुरक्षित और घर पर ही रहें। हम आपकी ड्यूटी में तैनात हैं। हैदराबाद में रह रही स्वाति पटेल ने कहा कि हम सब की गलतियों की वजह से कोरोना फिर से बढ़ रहा है हमें इसके संक्रमण से बचने के लिए अपनी इम्युनिटी को बढ़ाना है। मास्क जरूर पहनना है। बार-बार अपने हाथों को धोना है या सैनिटाइज करना है। लोगों से उचित दूरी बनाना है और बेवजह घर से बाहर नहीं निकलना है। हमें इससे डरना नहीं है बल्कि उसे हराना है और उसका डटकर मुकाबला करना है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेलूद की शिक्षिका शारदा दुबे ने कहा कि मैं खुद कोविड पॉजिटिव रही। 6 दिन आईसीयू में रही और जंग जीतकर आप सबके सामने हूं। कोविड से जंग लड़ते समय मन में एक बात ध्यान रखा था कि हमें कोविड-19 डरना नही बल्कि डट कर लड़ना है। हम उसे डर कर नहीं डटकर हरा सकते हैं। परिस्थितियां बड़ी है चुनौतियां बड़ी है। कोरोना भी बड़ी चुनौती है जिसे हमें डर कर नहीं उससे लड़ कर ही जीता जा सकता है। कोरोना से जंग लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है अपने मन में सकारात्मक विचार रखें। नकारात्मक विचारों को बिल्कुल जगह न दें नकारात्मक विचारों को अपने आप से जितना दूर रखेंगे उतना जल्दी आप कोरोना को मात दे सकतें हैं।

रायपुर की शिक्षिका दीप्ति श्रीवास्तव ने कहा कि परिंदों को मंजिल मिलेगी एक दिन, यह उनके फैले हुए पंख बोलते हैं, कोरोना से जंग जीत लेंगे हम एक दिन, यह हमारे बुलंद हौसले बोलते हैं। फिरदोष बिर्रा जांजगीर-चांपा ने कहा कोरोना ने हमारा जीना मुश्किल कर दिया। इसने कई लोगों की जान ले ली है। इसलिए मैं निवेदन करती हूं कि आप अपने घर पर ही रहे। स्वस्थ रहिए सुरक्षित रहिए कोरोना से डरना नहीं है, महिला एवं बाल विकास विभाग बालोद की प्रोटेक्शन ऑफिसर हितेश्वरी मेश्राम ने कहा कि हमें कोरोना से डरना नहीं है इस समय सावधानी से रहते हुए उसका सामना करना है। दंतेवाड़ा गीदम की टीचर मनीषा सोनी ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं इसका हमें इंतजार नहीं करना है। हमें अपने स्वयं व परिवार के लिए खुद के घर में ही हमें लॉक डाउन करना है। कोरोना से कितने लोग मर रहे हैं। यह देखें और थोड़ी देर के लिए विचार करके सोचिए कि किसी के घर एक सदस्य की कमी आ जाती तो उसके घर की दुनिया बदल जाती है इस बात को हमें सोचना है और लॉकडाउन के चैन को नही तोड़ना है कादम्बिनी ने कहा जो इस दुनिया से जा चुके कोई उनकी भरपाई तो नहीं कर सकते। पर जो हमारे साथ है उनकी रक्षा हम कर सकते हैं। बहुत सारे हथियार हमारे घरों में उपलब्ध हैं उनका इस्तेमाल करें। पूर्णिमा दिक्षित कटंगी बालाघाट ने कहा कि यह महामारी मानसिक बीमारी बन गई है इसलिए निवेदन है कि कोरोना को मानसिकता से दूर करनी है सभी स्वस्थ रहें व आसपास को स्वस्थ रखने में सहायता करें कोरोना से डरना नहीं है इसका डटकर मुकाबला करना है ।खुद के भीतर पॉजिटिव एनर्जी रखना है।

भावना जैन ने कहा कि कोरोना से हारना नहीं है, कोरोना को हराना है, इसे भगाना है। सभी अपने घर में सुरक्षित रहें। वापस अच्छे दिन लौट कर आएंगे। यही मेरी कामना है। सुधा श्रीवास्तव रिसर्च एसोसिएट अंबेडकर हॉस्पिटल रायपुर ने कहा कि आज के परिवेश को देखते हुए सभी को सावधानी बरतनी होगी। हमेशा मास्क का प्रयोग करें। साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोए। अगर कोरोना हो भी जाता है तो उससे डरना नहीं है। शरीर में प्रारंभिक लक्षणों के साथ ही कोरोना का इलाज कराना है। ताकि कोरोना हमारे शरीर में हावी ना हो। सोफिया साजिद गैंदाटोला राजनांदगांव ने कहा कि हम सबको कोरोना डरने की जरूरत नही है। इससे लड़ सकते हैं और अपने आसपास व अपने दोस्तों जान पहचान सभी को गाइडलाइंस दे। लोगों से दूर रहे पर उन्हें फोन या अन्य माध्यम के साथ जुड़े रहे। कोरोनावायरस बहुत जल्दी हिंदुस्तान और दुनिया से बहुत जल्दी गायब हो जाएगा।कादम्बिनी ने कहा कि अपनी जिम्मेदारी समझे और हौसला और घोंसला मत छोड़ो, सब ठीक हो जाएगा। इन बेटियों ने सब से इस वीडियो के माध्यम से अपील की है कि डर कर नही डट कर मुकाबला करना है वीडियो को बहुत पसंद किया जा रहा है। इन बेटियों ने कहा है कि भले वीडियो लाइक न करे पर पूरा वीडियो अवश्य देखे। आप सकारात्मक जरूर होंगे। सिर्फ हिम्मत रखने के साथ कुछ सावधानिया रखना है।

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