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जान जोखिम में डाल कर पिछले 1 वर्ष से शिक्षक कर रहे है कोरोना ड्यूटी पर सरकार नही मानती शिक्षको को कोरोना वारियर्स

कोरोना की फ्रंटलाइन ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का सरकार पहले कराए बीमा और वेक्सिनेशन

बिना बीमा व टीकाकरण किये बिना कोरोना फ्रंट लाइन ड्यूटी करना खतरे से खाली नही सरकार करे शिक्षको की चिंता मनीष मिश्रा

रायपुर। लगातार हो रही शिक्षको की मौत से शिक्षक वर्ग में उपजा डर परिवार के भविष्य की चिंता ने शिक्षको को कर दिया हताश ।छ ग सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष शिव मिश्रा सुखनंदन यादव अजय गुप्ता बलराम यादव चतुर दास भट्ट राजकुमार यादव छोटे लाल साहू आदित्य गौरव साहू दिलीप पटेल कौशल अवस्थी रवि लोहसिह श्रीमती प्रेमलता शर्मा अस्वनी कुर्रे रणजीत बनर्जी श्रीमती उमा पांड्य बसन्त कोशिक विकास मानिकपुरी हुलेश चन्द्राकर बी पी मेश्राम श्रीमती बनमोती भोय राजेश प्रधान सहित फेडरेशन के प्रदेश पदाधिकारियो ने सरकार से कोरोना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का तत्काल बीमा व टीकाकरण कराए जाने की मांग की है।
ज्ञात हो कि एक ही दिन में राजनादगांव जिले के खैरागढ़ ब्लाक में 5 शिक्षको की कोरोना से मौत हो गई इससे पहले भी बहुत से शिक्षको की कोरोना के चलते मौत हो चुकी है।
लंम्बे समय से शिक्षक कोरोना फ्रंट लाइन ड्यूटी जैसे ट्रेसिंग कार्य सर्व ड्यूटी कोविड सेंटरों में ड्यूटी कन्टेर्मेंट जोन में ड्यूटी लगातार करते आ आ रहे है ।
प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा कि कोरोना पाजेटिव मरीज के सम्पर्क में आए लोगो को ट्रेश करने का काम अत्यंत जोखिम भरा होता है ऐसे में शिक्षक को सीधा पाजेटिव मरीज से सपंर्क कर उनके साथ आए सम्पर्को का पता लगाया जाता है।
ऐसी ड्यूटी करने के बावजूद शिक्षको को सरकार कोरोना फ्रंट लाइन वर्कर नही मान रही है जो अनुचित है।
प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार पहले शिक्षको का बीमा ओर टीकाकरण करे फिर कोरोना में ड्यूटी लगवाए।
न पेंशन का प्रवधान है न ग्रेजुटी का ऐसे में परिवार का क्या होगा इस बात को लेकर शिक्षक परेशान है
प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा कि विगत 1 साल से शिक्षक कोरोना वारियर्स के रूप में कार्य कर रहे है परन्तु सरकार आज पर्यन्त तक शिक्षको को कोरोना वारियर्स नही मानता जो उचित नही है। मनीष मिश्रा ने कहा कि शिक्षक जो कोरोना ड्यूटी में अपनी भागीदारी दे रहे है उनका बीमा कराया जाना बेहद जरूरी है । अल्प वेतन में काम न कोई पेंशन का प्रवाधान ऐसे में कोरोना की की ड्यूटी में जान का जोखिम तब परिवार की परवरिश व उनके भविष्य की चिंता के चलते हर शिक्षक हतास और परेशान है। सरकार को चाहिए कि कोरोना में फ्रंट लाइन ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का बीमा व टीकाकरण पहले कराए फिर कोरोना ड्यूटी लगाए ।

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