समाज में बदलाव- पिता की मौत पर बेटियों ने दी मुखाग्नि, घर से कंधा देकर मुक्तिधाम तक भी पहुंची, भीमकन्हार में पहली बार ऐसा नजारा
बालोद। आज बेटी और महिलाओं के प्रति सामाजिक नजरिया बदलने लगा है। पहले जो उन पर पाबंदियां या भ्रांतियां थी वह पहले की अपेक्षा दूर हो चुकी है। और इसके…
