23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को स्थायी छूट देने की मांग, सेवा अधिकारों की सुरक्षा को लेकर देशभर में अभियान
बालोद। 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त रखने तथा उनके सेवा संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी संघ द्वारा देशभर में सांसदों को ज्ञापन सौंपने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले में राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश, जिला, संभाग एवं शिक्षा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडेय को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की मांगों से अवगत कराया।
छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी चेलक एवं प्रांतीय महामंत्री बोधी राम निषाद के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत संघ ने कहा कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त लाखों शिक्षक उस समय लागू नियमों एवं निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर विधिवत नियुक्त हुए थे। इनमें अनेक शिक्षक पिछले 15, 20 और 30 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे शिक्षकों पर बाद में निर्धारित टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन एवं भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई है।

संघ ने मांग की है कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने के लिए स्पष्ट आदेश जारी किया जाए तथा उनके सभी वैधानिक सेवा अधिकारों की निरंतरता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम अथवा अन्य उपयुक्त कानून में आवश्यक संशोधन कर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को स्पष्ट विधिक संरक्षण प्रदान करने की मांग भी की गई है, ताकि नियुक्ति के समय लागू नियमों एवं योग्यताओं को पूरा कर चुके शिक्षकों पर बाद में निर्धारित पात्रता मानकों का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला केवल शिक्षकों की नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लाखों शिक्षक परिवारों, विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य का प्रश्न जुड़ा हुआ है। वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे शिक्षकों को सेवा संबंधी अनिश्चितता में रखना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से इस मामले में संवेदनशील, न्यायपूर्ण एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

बालोद जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे एवं जिला सचिव गजेंद्रपुरी गोस्वामी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में राज्य कर्मचारी संघ द्वारा सांसदों से मुलाकात कर शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। संघ की ओर से लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडेय एवं लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल सहित राजस्थान में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला को भी संघ के राष्ट्रीय प्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन सौंपा जा चुका है।

संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि देशभर के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की इस मांग पर केंद्र सरकार सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी राहत प्रदान करेगी।












