“जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य में शिक्षकों पर भरोसा, चुनौतियों के बीच सहयोग की अपील”



बालोद। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपे जाने पर शालेय शिक्षक संघ ने इसे सरकार का शिक्षकों पर भरोसा बताया है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि देश की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन कर नीति निर्माण में सहयोग देने की यह जिम्मेदारी शिक्षक ही बेहतर ढंग से निभा सकते हैं।


राष्ट्रीय दायित्व, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं

संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं जिला अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के सामने कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं।
भीषण गर्मी, दूरस्थ और असुविधाजनक क्षेत्रों में ड्यूटी, तथा कई बार स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होना शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

उन्होंने बताया कि इन समस्याओं से संबंधित जानकारी विभाग तक पहुंचा दी गई है और जिम्मेदार अधिकारियों से समाधान की अपेक्षा की गई है।


विरोध नहीं, सहयोग की भावना जरूरी

जितेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि चूंकि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए इसका विरोध करना उचित नहीं है। ऐसे में इस कार्य को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों को सहयोग की भावना के साथ आगे आना चाहिए।


“साथी हाथ बढ़ाना” की अपील

उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से अपील करते हुए कहा कि—
यदि किसी शिक्षक की ड्यूटी जनगणना में लगी है और वह उस क्षेत्र से अनभिज्ञ है, तो स्थानीय शिक्षक उसकी मदद करें।
तकनीकी जानकारी रखने वाले शिक्षक अन्य साथियों को सहयोग दें, ताकि कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।


एकता से ही आसान होगा कार्य

संघ ने कहा कि एक शिक्षक होने के नाते हमें अपने साथी शिक्षकों की समस्याओं को समझते हुए उनका सहयोग करना चाहिए। आपसी सहयोग और समन्वय से ही इस बड़े कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है।


“साथी हाथ बढ़ाना…” की भावना के साथ शिक्षकों से एकजुट होकर जनगणना कार्य को सफल बनाने की अपील की गई है।

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