बालोद। जिले के ग्राम नेवारी कला में शासन की सुस्ती के बीच ग्रामीणों ने एक मिसाल पेश की है। नदी पर पुल निर्माण में लगातार हो रही देरी को देखते हुए ग्राम विकास समिति ने खुद पहल करते हुए अपने खर्च पर अस्थायी रास्ते का निर्माण करवा दिया, जिससे अब ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिल रही है।
पुल निर्माण में देरी, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, नेवारी कला की नदी पर पुल निर्माण लंबे समय से लंबित है। पहले इस तरह के कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए जाते थे, लेकिन इस बार पंचायत ने भी असमर्थता जताते हुए हाथ खड़े कर दिए। इससे गांव के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्राम विकास समिति ने संभाली जिम्मेदारी
स्थिति को देखते हुए ग्राम विकास समिति ने निर्णय लिया और अपने स्तर पर मुरूम डलवाकर अस्थायी रास्ता तैयार करवाया। इस कार्य में लगभग 15 से 20 हजार रुपये का खर्च आया, जिसे समिति के सदस्यों ने मिलकर वहन किया।
ग्रामीणों ने जताया आभार
अस्थायी रास्ता बनने के बाद अब लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों ने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है।
समिति के पदाधिकारी और सदस्य रहे सक्रिय
इस कार्य में समिति के अध्यक्ष जोहान राम साहू, उपाध्यक्ष सुंदरलाल सोनकर, सचिव कमलेश सोनकर, कोषाध्यक्ष रामेश्वर कुंभकार सहित सदस्य प्रवीण साहू, लोमस साहू, चंद्रभानु साहू, बसंत यादव, श्रवण साहू, संतराम सोनकर, गणेश राम सोनकर, शिवप्रसाद निर्मलकर, सीताराम सोनकर, विष्णु सोनकर, मिलूराम साहू, तामेश्वर सोनकर आदि की अहम भूमिका रही।
प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद
हालांकि अस्थायी व्यवस्था से राहत जरूर मिली है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि स्थायी समाधान मिल सके और भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
