बालोद। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर शालेय शिक्षक संघ, जिला बालोद ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संघ के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश की मेरिट सूची में बालोद जिले का नाम नहीं होना अत्यंत निराशाजनक है।
अनावश्यक प्रयोगों को बताया प्रमुख कारण
जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था के तहत किए गए अनावश्यक और अव्यवहारिक प्रयोग इस स्थिति के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उनके अनुसार—
- शिक्षकों को बच्चों के स्तर के अनुसार पढ़ाने की पर्याप्त स्वतंत्रता नहीं दी गई
- जिले स्तर से सभी के लिए एक जैसे निर्देश लागू किए गए
- परीक्षाओं का संचालन भी जिले स्तर से किया गया
- प्रश्न बैंक के आधार पर तैयारी के निर्देश दिए गए
इन सभी कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए।
प्रोत्साहन की कमी, दबाव ज्यादा
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के बजाय दबाव और डांट-फटकार का माहौल रहा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई। उनका मानना है कि सकारात्मक वातावरण और सहयोग से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
औसत परिणाम को बताया संतोषजनक
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जिले का औसत परीक्षा परिणाम संतोषजनक रहा है, लेकिन मेरिट सूची में स्थान न मिलना सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
सुधार की जरूरत पर जोर
शिक्षक संघ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए शिक्षकों को स्वतंत्रता और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।
