बालोद। विकासखंड डौंडी लोहारा के ग्राम बड़गांव में स्थित लगभग 120 वर्ष पुराने सिद्धपीठ दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि पर्व बड़े ही श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर विकास समिति और ग्रामवासियों द्वारा इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कलाकार और भजन मंडलियां अपनी प्रस्तुति देंगी।

मंदिर विकास समिति के कोषाध्यक्ष नेमसिंह साहू ने बताया कि इस मंदिर का इतिहास लगभग 120 वर्ष पुराना है। लोक मान्यता के अनुसार डौंडी लोहारा के तत्कालीन नरेश लाल फतेह सिंह टेकाम को स्वप्न में भगवान हनुमान ने दर्शन देकर बताया कि वे ग्राम पचपेड़ी में एक आम वृक्ष के नीचे स्थित हैं। इसके बाद नरेश अपने मित्र रामनारायण दुबे के साथ उस स्थान की खोज में पहुंचे और वहां से हनुमान जी की प्रतिमा को बैलगाड़ी में रखकर लोहारा ले जाने लगे।
लेकिन जब बैलगाड़ी ग्राम बड़गांव के आम बगीचे में पहुंची तो उसका पहिया जमीन में धंस गया और काफी प्रयास के बाद भी बाहर नहीं निकला। इसे दिव्य संकेत मानकर प्रतिमा को वहीं दक्षिण दिशा की ओर स्थापित कर दिया गया। इसके बाद यहां हनुमान लला की चमत्कारी शक्ति की चर्चा दूर-दूर तक फैल गई और यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया। वर्तमान में यहां लगभग साढ़े छह फीट ऊंची दक्षिणमुखी हनुमान जी की सिद्ध प्रतिमा स्थापित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर विकास समिति के संचालक युगल साहू ने बताया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने के लिए ज्योति कलश की स्थापना करते हैं। इच्छुक श्रद्धालु मंदिर समिति से संपर्क कर घी और तेल के ज्योति कलश स्थापित करा सकते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत 19 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे ज्योति कलश स्थापना के साथ होगी। 20 मार्च को हिरेश सिन्हा एवं जीतेश्वरी सिन्हा द्वारा भक्तिमय रामायण कथा, 21 मार्च को पीलेंद्र शरण वैष्णव (छुरा, गरियाबंद) का हरि कीर्तन आयोजित होगा।
22 मार्च को पद्मश्री उषा बारले (भिलाई) द्वारा पंडवानी की प्रस्तुति दी जाएगी। 23 मार्च को “दाई के दुलरवा” की भव्य जस झांकी, 24 मार्च को दिनेश वर्मा, रुद्राक्ष मानस परिवार करंजा भिलाई की प्रस्तुति होगी।
इसी क्रम में 25 मार्च को विष्णु कश्यप, स्वरधारा मानस परिवार तुलसीपुर (राजनांदगांव) की प्रस्तुति होगी, जबकि 26 मार्च को हिमानी वासनिक द्वारा लोकगाथा भरथरी की प्रस्तुति रात्रि 8 बजे से दी जाएगी।
नवरात्रि के अंतिम दिन 27 मार्च को कु. मिथलेश्वरी सेन और जय मां विंध्यवासिनी बालिका मानस परिवार बोडरा धनेली द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। अष्टमी के दिन हवन-पूजन के बाद कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा तथा अंतिम दिन भगवान श्रीराम जन्मोत्सव, ज्योति कलश विसर्जन और भव्य भंडारा प्रसाद के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष सुरेश बढ़ई, ग्राम प्रमुख बेदलाल पटेल सहित सभी सदस्यों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इन धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
