दल्लीराजहरा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दल्लीराजहरा में महिला सशक्तिकरण एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें न्यायिक सहायता की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया गया कि भारत का संविधान महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार प्रदान करता है। उन्हें शिक्षा, रोजगार, संपत्ति, सम्मानजनक जीवन, समान वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है। साथ ही महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा, दहेज प्रताड़ना से बचाव, बाल विवाह निषेध तथा निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकार कानून द्वारा प्रदान किए गए हैं।
इस दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार के अन्याय की स्थिति में महिलाएं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर होती हैं तो परिवार के साथ-साथ पूरा समाज भी प्रगति करता है।
उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में महिलाएं अपने साथ होने वाले अन्याय को सहन करती रहती हैं, जबकि कानून उन्हें पूर्ण संरक्षण देता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है, ताकि वे न्याय प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान पैरालीगल वालेंटियर एवं अन्य उपस्थित लोगों ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में समानता तथा सम्मान की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया। अंत में सभी ने महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने तथा समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकार सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि जागरूक महिला ही सशक्त समाज की नींव होती है, इसलिए प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों की जानकारी रखना और अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
