डौंडीलोहारा। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में ग्राम पसौद में संगीतमय पांच दिवसीय पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण कथा चल रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम को संचालित करने के लिए शांतिकुंज हरिद्वार की प्रतिनिधि टोली सुरेश की टोली का आगमन हुआ है।

कार्यक्रम में आचार्य ने गायत्री के संबंध में विस्तार करते हुए कहा कि परमात्मा चेतना का एक अंश गायत्री है ।जो प्राण को त्राण करने वाली महाशक्ति है। जिसमें निर्माण शक्ति ब्रह्मा, पोषण शक्ति विष्णु तथा संहार शक्ति के रूप में शिव तथा सरस्वती, लक्ष्मी और काली के रूप में त्रिपदा गायत्री के रूप में वेदों में महिमा गायी गई है।महामंत्र जितने जग माही, कोऊ गायत्री सम नाही। दुनिया में गायत्री मंत्र के समान कोई दूसरा मंत्र नहीं है। गंगा को धरती पर अवतरित करने के लिए भागीरथ को हजारों वर्षों तक तपस्या करना पड़ा जिसके परिणाम स्वरूप उनके कई पीढीयों का तरण हुआ इस प्रकार से इस कलयुग में नवयुग की गंगोत्री से ज्ञान रूपी गायत्री गंगा का अवतरण करने के लिए इस युग के भागीरथ वेद मूर्ति,तपोनिष्ठ, आचार्य पं श्री राम शर्मा जी ने कठोर त्याग ,तपस्या और प्रबल पुरुषार्थ किया। जिसके परिणामस्वरूप आज करोड़ व्यक्ति नेक रास्ते पर चलने के लिए संकल्पित हुए और सुखी समुन्नत जीवन जी रहे हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मया राम, शंकर यदु,केसर यदु, प्रतिमा देवांगन, राधा पटेल, सुनीता यदु, महेश्वरी,हिना,टोमेश्वरी, लक्ष्मी पटेल,भोलाराम साहू, श्री मिलन सिंहा, प्रज्ञानंद बागमरिया, विशंभर बघमरिया, पुराणिक लाल सोरी, गोवर्धन उर्वशा,कुमार सिंह सहारे ,कैलाश नाथ साहू, पीलू राम साहू, बीरेंद्र साहू, ओमप्रकाश केसरा,मोहन चंदेल, विदेशी चौहान,तुलसी साहू ,जमुना साहू, रेखा साहू,रेनू चौहान, तेजेश्वरी कंवर , चेतना कंवर ,कौशल्या बघमरिया, वैशाखीन बघमरिया, कुंती सहारे, अलखराम देशमुख, यशवंत वर्मा,यादराम साहू , उर्मिला साहू आदि परिजनों का विशेष सहयोग रहा।
