वृंदावन चीचा में रही हरि नाम संकीर्तन की धूम, तीन दिनों तक लगा रहा भक्तों का मजमा, आयोजकों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश, नहीं हुआ कहीं कोई प्लास्टिक का इस्तेमाल



समाज सेवी राजेश सिन्हा ने किया समाज के लोगों को अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित

बालोद। कामता प्रसाद शरण महराज के श्री मुख से तीन दिवसीय कार्यक्रम में हरी नाम कथा ग्राम चीचा (अर्जुन्दा) में सम्पन्न हुआ । चीचा में स्वर्गीय नकुल राम सिन्हा की स्मृति में तीन दिवसीय हरिनाम संकीर्तन भजन का आयोजन बाजार चौक में हुआ । आयोजक सिर्राभांठा के समाज सेवी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया इस कथा आयोजन का उद्देश्य सिर्फ भक्ति को प्रोत्साहन देना ही नहीं है, बल्कि प्राकृतिक चीजों को बढ़ावा देना भी है। प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण के प्रदूषण की रोकथाम के लिए यह एक विशेष प्रयास किए हैं। जिसके तहत उन्होंने ही आयोजन में किसी भी तरह के प्लास्टिक के उपयोग से लोगों को दूर करने का प्रयास किया और उन्होंने अपनी ओर से 500 थाली गिलास की व्यवस्था कर पूरे तीन दिनों तक लोगों को भंडारा की सुविधा दी। किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया गया।

लोगों ने पूरे दो समय भंडारा स्थल पर ही भोजन ग्रहण किया। बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी खाने का पूरा इंतजाम किया गया था। वहीं लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश भी उन्होंने आयोजन के दौरान दिया और कहा कि जहां कहीं भी कोई आयोजन होता है तो भी अपनी ओर से थाली गिलास की सुविधा निशुल्क देंगे। सर्व समाज अपील की गई की चीचा में कहीं भी कोई आवश्यकता हो तो बिना किसी शुल्क के उन्हें थाली गिलास का उपयोग करने दिया जाए। ऐसी पहल अन्य गांव में भी शुरू करने की अपील होने भागवत सुनने आए लोगों से की। कथा प्रवचन के दौरान कामता प्रसाद शरण ने संगीतमय प्रस्तुति देते हुए लोगों को भाव विभोर कर दिया। अंतिम दिन सीता उत्पत्ति की कथा सुनकर लोग मंत्र मुग्ध हुए वहीं आरती भजन के दौरान लोगों ने थिरकते हुए इस भक्ति पूर्ण आयोजन का आनंद उठाया। साथ ही कथावाचक कामता प्रसाद शरण ने लोगों से पहले स्वयं संस्कारी बनने फिर अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की अपील की और इस बदलते परिवेश में संस्कार और शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सबसे इस दुनिया भगवान की तरह माता-पिता है। जिनके सिर पर माता-पिता का आशीर्वाद होता है वह हमेशा आगे बढ़ते हैं। इसलिए अपने माता-पिता का हमेशा सम्मान करें।उन्होंने प्रभु श्री राम के आचरण,हिंदू सनातन धर्म, संस्कृति को बनाए रखने के लिए श्रोताओं को प्रेरित किया।

ग्राम की कुछ खासियत ऐसी है

ग्राम चीचा में जिनके यहां कन्या जन्म होती है तो ग्राम चीचा के युवाओं द्वारा,कन्या के माता पिता को सम्मानित किया जाता है। गुरुदेव कामता प्रसाद शरण के द्वारा इस पहल के लिए सभी लोगो की सराहना की गई। वहीं आयोजन के अंत में सभी लोगो ने पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प लिया।

इन 11 उद्देश्यों के साथ हुआ आयोजन

समाजसेवी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि हमारा उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना एवं सनातन धर्म की राह पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित करना,परिवार समाज गांव के साथ मिलकर जीवन शैली को सहज और सरल बनाना। पर्यावरण को बचाने के लोगों को पेड़ पौधा लगाने के लिए प्रेरित करवाना। छोटे से लेकर बडे कार्यक्रम में डिस्पोजल एवं पतरी का उपयोग बंद करवाना। बेटी बचाओ बेटी पढाओ के लिए लोगों को प्रेरित करना । माता पिता की सेवा करना एवं बड़े बुजुर्गों का सम्मान करना । बेटी सेवा ही परम सेवा है यही लोगों को प्रेरित करना। अपने अपने गाँव को आदर्श ग्राम बनाने के लिए लोगों प्रेरित करना । मानव सेवा ही परम सेवा है यही लोगों के लिए प्रेरित करना । जल ही जीवन है एक एक बूंद पानी की बर्बादी को रोकने के लिए लोगों को प्रेरित करना, देश के वीर जवानों एवं किसानों सादर नमन करना है।

इनका रहा विशेष योगदान

इस कार्यक्रम में आयोजक परिवार से नकुल राम सिन्हा की पत्नी कमला बाई, बड़े पुत्र राम कुमार सिन्हा, बहु चंदा बाई, छोटे पुत्र विजय और बहु कीर्तिका, मनभा सिन्हा (राजेश की मां), राजेश सिन्हा,खिलावन सिन्हा,गब्बू और पायल, टोमिन सिन्हा, मुक्ता सिन्हा, डेमेंद्र,काजल सिन्हा, सहित मानस आयोजक समिति चीचा का विशेष योगदान रहा। अन्य सहयोग करने वालों में ग्रामीण जन गोकुल सिन्हा,विनय साहू,तेजराम सिन्हा,प्लेन साहू,पुरूषोत्तम, चन्द्रहास साहू,रेखा सिन्हा,हीरा बाई,धनसिंग यादव, डागेन्द्र , हेमंत, चंदन,दीपक,निखिल सहित समस्त ग्रामवासी चीचा का इस कार्यक्रम में सहयोग रहा।

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