अर्जुन्दा । मानवता का फर्ज निभाते हुए और रक्त की कमी से किसी अनजान मरीज की जिंदगी बचाने के लिए शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुंदा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सक्रिय स्वयंसेवक दानेश्वर सिन्हा ने जिला चिकित्सालय दुर्ग में अपना 5 वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान किया।

और अपने रक्तदान से मानव जीवन बचाने में अमूल्य योगदान दिया।
स्वयंसेवक दानेश्वर सिन्हा ने कहा कि रक्तदान करने से हमें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती बल्कि इससे हमारा शरीर स्वस्थ और तंदुरुस्त रहता है। हार्ट अटैक जैसी बीमारियां नहीं होती, शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है। कई लोगों में रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियां के कारण आज लोग रक्तदान जैसे नेक कार्य के लिए पीछे हो जाते हैं। हर 3 महीने में स्वस्थ व्यक्ति वर्ष में चार बार रक्तदान कर सकता है। जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त मिल पाएगा और उनकी जान बच पाएगी।
रक्तदान के इस पुण्य होने कार्य के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ प्रदीप कुमार प्रजापति , राज्य स्तरीय पुरस्कृत श्रेष्ठ स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन व समस्त स्वयंसेवको ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
