दुनिया का उल्टा यानि दु, मतलब दुनिया में सुख-दुःख,लाभ-हानि, जय-पराजय, जन्म-मृत्यु ये सब मिलना ही है,परन्तु परमात्मा इन सबसे परे है- पंडित परमेश्वर तिवारी
गुरुर। कोलिहामार में 23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक, श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

सोमवार तृतीय दिवस पर भगवताचार्य पंडित परमेश्वर तिवारी ने अपने प्रवचन में बताया कि दुनिया का उल्टा यानि दु , दुनिया में हमे सुख-दुख, जय-पराजय, रात-दिन, यश-अपयश, जन्म-मृत्य सब मिलना ही है, परन्तु परमपिता परमेश्वर इन सबसे परे है। भगवान श्री कृष्ण हमें कर्मयोग की शिक्षा देते हैं, कर्तव्यों को निभाते हुए परमार्थ करना और परमात्मा को पाने का प्रयास करना ही सच मे तपस्या है। हमें अपने जीवन मे दया और दान के महत्व को समझ कर मानव जीवन को मोक्ष की ओर ले जाना है। उल्लेखनीय है कि नगर के पत्रकार स्व.सालिक राम शर्मा एवं उनके बड़े भ्राता स्व. माधव प्रसाद शर्मा के वार्षिक श्राद्ध पर शर्मा परिवार एवं ग्रामवासियों के द्वारा ग्राम कोलिहामार में 9 दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे अंचल के बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागवत प्रवचन का श्रवण कर रहे हैं। ग्राम में पहली बार ऐसा आयोजन होने से उत्साह का माहौल है। आयोजक संजय-गिरजा शर्मा, जितेंद्र-दीप्ति शर्मा एवं समस्त उपाध्याय(शर्मा) परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवताचार्य पंडित परमेश्वर तिवारी,पंडित निरंजन महाराज के छोटे भाई हैं। 27 सितंबर को छत्तीसगढ़ के पवन दीवान सम्मान से सम्मानित प्रख्यात भगवताचार्य पंडित निरंजन महाराज का आगमन भागवत स्थल कोलिहामार में होगा। समस्त धर्म प्रेमी भागवत प्रेमी श्रद्धालु प्रतिदिन भागवत का श्रवण करने अवश्य पधारें।
