बालोद। जिले के डोंडी क्षेत्र एक आदिवासी वनांचल क्षेत्र है उस आदिवासी क्षेत्र की बेटियां वीरांगना कोया लया समूह बनाकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शिक्षा ,स्वास्थ्य, पर्यावरण रक्तदान जागरूकता अभियान चला रही है । और मुगल सेना को कई बार हराने वाली वीरांगना रानी दुर्गावती मरावी जो 5 अक्टूबर 1524 को उत्तर प्रदेश के बांदा में हुआ जन्म था रानी दुर्गावती का जन्म और पति दलपत शाह के निर्धन के बाद संभाली थी गोड़वाना की बागडोर और 24 जून 1564 को मुग़लो के साथ युद्ध में शहीद हुई थीं ऐसी वीरांगना जो वीर, साहसी, त्याग, और ममता की मूर्ति रानी दुर्गावती मरावी जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष में आज बालोद जिले के शासकीय हॉस्पिटल में जो की 24 जून को वीरांगना दुर्गावती मरावी जी की पुण्यतिथि पर उनके संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए, जरूरतमंद लोगों के लिए वंदना दर्रो और बरखा ध्रुव ने जरूरतमंदों के लिए रक्तदान किया और वृक्षारोपण भी किया ताकि पर्यावरण को भी बचा सके ।
वीरांगना ब्लड बैंक का उद्देश्य लड़कियों को सशक्त करना है

महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं फिर रक्तदान में ही पीछे क्यों रहें । यह एक ऐसा दान है जो ना सिर्फ अपनों की बल्कि उनका भी जीवन बचाता है जिन से खून का कोई नाता नहीं होता। इस नेक काम के लिए महिलाओं को भी आगे आना होगा । इसलिए लड़कियों को भी जागरूक करना भी ज़रूरी हैं । ताकि कई बीमारियों से वह दूर रहें ।
