डौंडी| आनंद में हो जीवन सबका योग्य ही सिखलाए, हो तनाव भयमुक्त सभी जन दिव्य प्रेम सरसाएं
पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी 21 जून 2023 को नौवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी/हिंदी माध्यमिक विद्यालय डौंडी में किया गया योग दिवस के मौके पर संस्था में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया इस दिवस पर प्रातः 7:00 बजे से संस्था के प्रांगण में योगाभ्यास प्रारंभ हुआ, सर्वप्रथम प्राचार्य श्री बीएस वद्दन एवं वरिष्ठ व्याख्याता गण एनडी साहू,केआर हिरवानी, एमएल साहू, प्रधानाध्यापक निशा मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया।
कक्षा 12वीं की छात्रा कृष्णा सोनी ने योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद सभी ने योगाभ्यास प्रारंभ किया, इस कार्यक्रम में संस्था के पीटीआई श्रवण साहू ,स्काउट सचिव डौंडी नेमसिंह साहू, एनसीसी प्रभारी अलका मेढ़े ,एनएसएस प्रभारी व रेंजर लीडर मिथिला सिंघारे,गाइड कैप्टन गायत्री देवांगन ने सामूहिक रूप से विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराएं ।
योग दिवस की थीम वसुधैव कुटुंबकम है जो संपूर्ण विश्व को भाईचारे की प्रेरणा देता है ,इस परिप्रक्षय में संस्था की गाइड व रेंजर विंग के बच्चों कृष्णा, दिशा,आसमा, करीना,काजल,रोशनी कुष्मिता,वंदना ने सूर्य नमस्कार , विभिन्नपिरामिड ,ताड़ासन उष्ट्रासन,अर्ध चक्रासन, वृक्षासन,नटराजसन, आदि के माध्यम से सभी को योग का संदेश दिया। अंग्रेजी माध्यम की आठवीं की छात्रा मौली जैन और छात्र जतिन ने विभिन्न कठिन योगासनों का भी प्रदर्शन किया। संस्था की एनएसएस। एनसीसी की छात्राएं यमुना टिकेश्वरी, दिलेश्वरी ,रेणुका लक्ष्मी, बेबीका ने भी विभिन्न योगाभ्यास किए ।

इस अवसर पर संस्था प्रमुख श्री बीएस वद्दन ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य लोगों और जन समुदाय के बीच योग के विषय में सामान्य जागरुकता का प्रसार करना है ताकि लोग योग के माध्यम से सामंजस्य एवं शांति प्राप्त कर सके ,योग्य अभ्यास प्रतिदिन यथाशक्ति यथासंभव अवश्य करना चाहिए, और आजकी तेज रफ्तार जिंदगी में अनेक ऐसे पल हैं जो हमारी स्पीड पर ब्रेक लगा देते हैं। हमारे आस-पास ऐसे अनेक कारण विद्यमान हैं जो तनाव, थकान तथा चिड़चिड़ाहट को जन्म देते हैं, जिससे हमारी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऐसे में जिंदगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिये योग एक ऐसी रामबाण दवा है जो, माइंड को कूल तथा बॉडी को फिट रखता है। योग से जीवन की गति को एक संगीतमय रफ्तार मिल जाती है।

संस्था के व्याख्याता नेमसिंह साहू ने बताया कि योग के जनक महर्षि पतंजलि को माना जाता है, 21 जून को ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि यह दिन पूरे उत्तरी गोलार्ध का सबसे बड़ा दिन होता है और सबसे छोटी रात होती है इस दौरान उत्तरी गोलार्ध के सभी देश सूरज के सबसे नजदीक होते हैं और इस दिन को ग्रीष्म संक्रांति दिवस के रूप में भी मनाते है भारत के लिए बड़े गर्व की बात है कि भारत के योग को आज पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है,
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जो भारत की सदियों पुरानी योग परंपरा को चरितार्थ करती है।
इस अवसर पर विद्यालय के अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के समस्त व्याख्यातागण प्रधानाध्यापकगण ,शिक्षकगण, कर्मचारीगण और दोनों माध्यम के 100 से अधिक बच्चों एवं उनके पालकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और योग दिवस की थीम वसुदेव कुटुंबकम को चरितार्थ किया।
