DAILY BALOD NEWS

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घर छोड़ने के बहाने छः वर्ष आठ माह की नाबालिग के साथ अप्राकृतिक कृत्य, युवक को दस वर्ष का मिला कारावास

बालोद। मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी शिवकुमार उर्फ मोनू पिता दुर्गा राम नेताम, उम्र 20 वर्ष, निवासी कामता, थाना डौण्डीलोहारा, जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 363 के आरोप में दो वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, धारा 376/511 के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 /- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के. द्वारा किया गया जिसके अनुसार घटना की संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता की माता द्वारा दिनांक 28 जून 2021 को थाना डौण्डीलोहारा आकर लिखित आवेदन पेश किया कि घटना दिनांक 25 जून.2021 को अपनी छः वर्ष 8 माह की नाबालिग बेटी को लेकर एक शादी के कार्यक्रम में सुबह 10:30 बजे गई थी। तब रात्रि करीबन 9:30 बजे पीडिता घर जाने के लिए बोल रही थी, तो उसने कहा कि बर्तन साफ कर लेते हैं, फिर चलते हैं, किंतु पीडिता को नींद आ रही थी, जिसके बाद शिवकुमार नेताम उर्फ मोनू ने पीड़िता की मां से बोला कि वह उसके घर की ओर ही जा रहा है, इसलिए पीड़िता को उसके घर छोड़ देगा, जिसके बाद अभियुक्त गांव का लड़का होने एवं जान पहचान होने के कारण पीड़िता को उसके साथ भेज दिया, कुछ देर बाद हल्ला होने लगा कि अभियुक्त शिवकुमार नेताम पीड़िता के साथ गलत काम कर रहा था, पीड़िता की मां के द्वारा पीड़िता से घटना के संबंध में पूछताछ की तो वह बताई कि अभियुक्त उसे ट्रेक्टर ट्राली तरफ ले जाकर गलत काम कर रहा था, फिर मोटरसायकल की आवाज आने पर वह उसे वहीं छोड़कर भाग गया, तब वह बच्ची रोते अपने घर गई और घर में दादी को बताई । पीड़िता के माता की लिखित रिपोर्ट के आधार पर महिला निरीक्षक निरीक्षक पदमा जगत के द्वारा अभियुक्त के खिलाफ अपराध क्र० 117/2021 अंतर्गत संहिता की धारा 363, 366 (क), 376 (झ) (इय) एवं संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 5 (ड), 6 के तहत् प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक मनीष शर्मा द्वारा किया गया। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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