बालोद। आमतौर पर चोरी लालच में होती है लेकिन गुंडरदेही में चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है इसमें एक भाई ने अपने भाई को जमानत पर रिहा करने के लिए चोरी की। ताकि जमानत में होने वाले पैसे की भरपाई हो सके। जिस भाई को बचाने के लिए चोरी कर रहा था वह खुद चोरी के इल्जाम में जेल में बंद था। और उसे जमानत पर छुड़ाने के लिए ही उस पर करीब ₹12000 खर्च कर दिए। उक्त रकम चोरी से हासिल की गई थी। घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई थी। मेडिकल और एक दुकान में चोरी के आरोप में युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया । पूछताछ में चोरी के कारणों का खुलासा हुआ। उसने बताया कि उसका भाई चोरी के आरोप में जेल में था। जमानत के लिए पैसे की जरूरत होने पर उसने यह कदम उठाया था। अधिकतम रकम को जमानत राशि पर खर्च कर चुका है। गुण्डरदेही चौक स्थित मेडिकल स्टोर्स सहित एक अन्य दुकान में उसने चोरी की थी। गुण्डरदेही पुलिस एवं सायबर सेल बालोद की संयुक्त टीम द्वारा करीबन 50-60 सीसीटीव्ही फुटेज को खंगालने के बाद उसे पकड़ने में सफलता मिली। आरोपी चक्रधर निषाद उम्र 22 साल साकिन वार्ड क्रमांक 12 गुण्डरदेही का रहने वाला है। चोरी रकम 17,000 रू. नगदी में से 4.800 रु. नगदी बरामद हुए हैं। प्रार्थी रविन्द्र कुमार साहू वार्ड क्रमांक 13 ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 2 से 3 दिसंबर के बीच कबीर मेडिकल स्टोर से नगदी रकम 12000 रूपये तथा प्रार्थी की बगल में लगे मोहित देवागन के चना मुर्रा दुकान की ताला तोडकर कोई अज्ञात चोर 5000 रूपये कुल 17000 रूपये को चोरी कर ले गया है। मामले के गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुण्डरदेही एस.एस. मौर्य के पर्यवेक्षण मे निरीक्षक राकेश ठाकुर थाना प्रभारी गुण्डरदेही, व निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी प्रभारी सायबर सेल बालोद के नेतृत्व में टीम गठित किया गया ।थाना गुण्डरदेही व सायबर सेल बालोद के संयुक्त टीम द्वारा करीबन 50-60 सीसीटीव्ही कैमरा के फुटेज को खंगालने के बाद संदेही चक्रधर निषाद पिता लिलाधर निषाद को संदिग्ध लगने पर थाना गुण्डरदेही लाकर पुछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार किये। चोरी किये 17,000 रूपये मे से 12,200 रूपये को चोरी के आरोप में जेल मे बंद अपने बड़े भाई के जमानत में खर्च करना बताये। केस सुलझाने में थाना गुण्डरदेही से सउनि अरविंद साहू आर दमन वर्मा, सायबर सेल बालोद से आर योगेश सिन्हा, आर चन्द्रशेखर यादव, आर. पिपेश्वर बंजारे, आर. सदीप यादव, आर राहुल गजपाल का विशेष योगदान रहा।
अजब गजब, चोरी के आरोप में जेल में बंद भाई को छुड़ाने जमानत के पैसे के लिए दूसरे भाई ने की थी चोरी, सीसीटीवी फुटेज से पकड़ाने पर हुआ जांच में खुलासा
