हिन्द सेना ने की शिकायत
बालोद। समाज सेवी संगठन हिंद सेना द्वारा तहसील व नगर निवेश कार्यालय में जरूरी काम से आने वाले लोगों से जल्द काम करवाने तो काम में व्यवधान डलवाने के नाम पर आर्थिक रूप वसूली किए जाने की शिकायत जिला प्रशासन से की है।कुछ लोगों के नाम से इस मामले में शिकायत हुई है जो कि गैर कानूनी तरीके से लोगों से वसूली करते हैं। हिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी सहित अन्य साथियों ने जिला कलेक्टर के नाम से ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में गैर लाइसेंसधारी एवं अवांछित व्यक्तियों द्वारा अनाधिकृत रूप से तहसील कार्यालय बालोद एवं नगर निवेश कार्यालय में कार्य किये जाने की शिकायत कर उन पर कार्यवाही कर उन्हें कार्य करने से रोकने मांग की गई है। हिन्द सेना के लोगों का कहना है बालोद तहसील कार्यालय में गैर लाइसेंसधारी व्यक्तियों द्वारा बिना लाइसेंस प्राप्त किये विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों का लेखन कर भोले-भाले ग्रामीणों को ठगा जा रहा है। जिस कार्य को करने के लिए छ.ग. शासन द्वारा दस्तावेज लेखकों के लिए दस्तावेज लेखक का लाइसेंस योग्य व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है एवं उनके लेखन का शुल्क भी शासन द्वारा निर्धारित किया जाता है। परन्तु बालोद तहसील कार्यालय परिसर में आबंटित व्यक्तियों जिन्हें दस्तावेज लेखक का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है, धड़ल्ले से दस्तावेज लेखन शुल्क दस्तावेज लेखकों द्वारा 20/- रुपये से 50/- रुपये तक किया जाता है। ऐसे दस्तावेज अवांछित व्यक्तियों द्वारा लिखकर 500/- रुपये से 1500/- रुपये तक वसुल किया जा रहा है एवं तहसील कार्यालय परिसर में अवैध रूप से टिनशेड लगाकर तहसील की जमीन पर अनूचित रूप से कब्जा किया जा रहा है। जिससे तहसील कार्यालय परिसर पार्किंग की असुविधा हो रही है। बाहर से आने-जाने वाले नागरिकों के लिए अपने वाहन को रखने के लिए भी जगह नहीं मिल पाती है। जिस कारण वे अपने वाहन को बीच सड़क में खड़ा करना पड़ता है। जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
इधर स्टांप शार्टेज का भी खेल
स्टाम्प वेंडरों द्वारा स्टाम्प पेपर का जबरन शार्टेज कर स्टाम्प पेपरों को अधिक मूल्य पर बेचा जाता है व उनके द्वारा कोर्ट की टिकट एवं रिवेन्यु टिकटों की बिक्री दो गुना मूल्य पर की जाती है। जिससे क्षेत्र के नागरिकों को अधिक मूल्य पर स्टाम्प पेपर व रिवेन्यु टिकट तथा कोर्ट की टिकट खरीदना पड़ता है। जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बालोद में नगर निवेश कार्यालय के भी ऐसे ही अवांछित लोगों का अड्डा बन गया है ये सभी लोग डायवर्सन कराने के नाम पर लोगों से काफी अतिरिक्त रकम लेते हैं व उस रकम को नगर निवेश के अधिकारी एवं कर्मचारियों को देना पड़ता है कहते हैं एवं यह भी कहते हैं कि हमसे काम कराओगे तो 01 माह के भीतर करा देंगे नहीं तो तुम्हारा काम नहीं होने देंगे, तुम्हारी जमीन में आपत्ति लगवा देंगे,,, आदि कहकर उनसे लूट खसोट की जाती है। इसके अलावा जिस व्यक्ति का च्वाईस सेंटर चलाने का लायसेंस ग्राम तरौद का है, उनके द्वारा भी बालोद तहसील परिसर में अवैध कब्जा कर समस्त दस्तावेजों का लेखन का कार्य किया जाता है जो कि उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसलिए जिला प्रशासन से समाजसेवी संगठन हिन्द सेना ने मांग किया है कि ऐसे अवांछित एवं गैर लाइसेंसधारी व्यक्तियों पर कार्रवाई हो ताकि भोलेभाले ग्रामीण लूट-खसोट का शिकार न हो।
