राउत यादव समाज ने पेश की मिसाल- शव पर कफ़न प्रथा बन्द, दान पेटी को बढ़ावा, भोज में पर्यावरण संरक्षण का प्रयास



दुर्ग । ग्राम हनोदा (दुर्ग) में राऊत यादव समाज द्वारा एक मिसाल कायम किया गया। यादव समाज के एक सम्मानित व मिलनसार व्यक्ति, दौवा राम यादव का आकस्मिक निधन 26 सितंबर रविवार को हो गया था। वे श्रवण यादव, सूरज यादव के पिता व बिमला बाई यादव के पति थे। अपने पीछे भरापुरा परिवार छोड़ गए। इस दुःख की घड़ी में परिवार व यादव समाज ने एक निर्णय किया कि समाज में कफ़न ओढाने की प्रथा को समाप्त किया। उसके जगह स्वेच्छा से दानपेटी में अपनी इच्छा अनुसार राशि डाल सकते हैं।

जो परिवार के सहायता के रूप में काम आ सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण कर हम आने वाले पीढ़ी के लिए एक अच्छे समाज का निर्माण करे। यादव समाज व परिवार की सहायता से उनके पुत्र व परिवार के लोगों ने उसकी स्मृति में,दशगात्र के दिन गुरुवार को तालाब में एक नीम का पौधा रोपण कर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। इस दौरान यादव समाज ने कहा हम सब मिलकर अपना सच्चा धर्म निभाए,पेड़ बचाकर अपना कर्तव्य निभाए।साथ – साथ यादव समाज ने मृत्यु भोज पर प्लास्टिक डिस्पोजल व कागज़ पतरी का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लिया। उसकी जगह थाली और गिलास पर भोजन खिलाने का निर्णय किया।

इस काम के लिए नई पहल स्टील बर्तन बैंक की अध्यक्ष श्रद्धा पुरेन्द साहू ने मदद की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया गया। श्रद्धा पुरेन्द्र साहू के लगातार जागरूकता कार्यक्रम से पर्यावरण संरक्षण में बड़ा बदलाव समाज में देखने मिल रहा है। हनोदा के समस्त ग्रामवासी मुख्य रूप से उपस्थित रहे और यादव समाज द्वारा चलाए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।

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