दस का दम- बेहतर शिक्षा में आगे होंगे हम- बालोद जिले में शिक्षा व्यवस्था सुधार के लिए शुरू हुए 10 कार्यक्रम, बनाए गए 10 शिक्षकों को नोडल अधिकारी



बालोद
बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता लाने अकादमिक मॉनिटरिंग व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य हेतु प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा रायपुर से पेडागॉजी शाखा द्वारा निर्देश प्राप्त हुआ है ।जिसमें 10 बिंदुओं पर अकादमिक कार्यों के क्रियान्वयन हेतु नियमित फॉलोअप तथा स्कूलों में कार्यक्रम संचालन करेंगे।अपने-अपने क्षेत्र में आवंटित कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु जिला नोडल अधिकारी अपने मूल कार्यों के साथ-साथ जिला कार्यालय समग्र शिक्षा पेडागॉजी शाखा बालोद एवं विकास खंड के नोडल अधिकारी के समन्वय में सतत संपर्क में रहेंगे व कार्यक्रम की संपूर्ण जवाबदारी का निर्माण करेंगे इसके लिए 10 विभिन्न गतिविधियों के लिए बालोद जिले में जिला नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।

किसे मिली है क्या जिम्मेदारी

लाल रघुवीर सिंह

प्रथम गतिविधि के रूप में गढ़बो नवा भविष्य कार्यक्रम तय किया गया है। इसके नोडल अधिकारी लाल रघुवीर सिंह सहायक शिक्षक सीएससी देवारभाट बालोद को बनाया गया है। जिन्हें प्राथमिक स्तर पर गढ़बो नवा भविष्य सामग्री का उपयोग एवं बच्चों को विभिन्न व्यवसाय से परिचित कराना, कार्यक्रम का जिले में संचालन व क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है।

संजय कुमार यादव

तो दूसरी गतिविधि के रूप में 100 दिन 100 कहानियां के नोडल अधिकारी संजय कुमार यादव शिक्षक सीएससी झलमला बालोद को बनाया गया है। उन्हें मिडिल स्कूल स्तर पर 100 दिन 100 कहानियां, मैसूर द्वारा निर्मित द्विभाषी कहानियों का उपयोग, कार्यक्रम संचालन व क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है।

बस्ता विहीन स्कूलों पर फिर फोकस

भगवती ठाकुर

तीसरी गतिविधि के रूप में सफलता के लिए कौशल, स्किल, बस्ता विहीन विद्यालय संचालित होगा। इसके लिए नोडल अधिकारी सुश्री भगवती ठाकुर सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला परसोदा को बनाया गया है। बस्ता विहीन स्कूल कार्यक्रम का क्रियान्वयन चयनित स्कूलों में संपन्न कराने, कुशल कलाकारों विशेषज्ञों की सहायता लेकर जिले में काम करने कहा गया है।

अंगना म शिक्षा की बागडोर पुष्पा के हांथ

पुष्पा चौधरी

चौथे गतिविधि के रूप में शिक्षा के रूप में महिला शिक्षिका के तौर पर जिला नोडल अधिकारी पुष्पा चौधरी शिक्षक शासकीय उच्च प्राथमिक शाला मटिया अर्जुन्दा को बनाया गया है। उन्हें प्राथमिक स्तर पर विशेषकर छोटी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं का उन्मुखीकरण गतिविधियों को जिले में संपन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह के लिए सुरेंद्र कुमार थूल सहायक शिक्षक सीएससी चिखलाकसा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें अटल टिंकरिंग लैब समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा प्रति सप्ताह आयोजित वेबीनार से संबंधित जिले में संचालित लैब के शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

खिलौने व कठपुतली से शिक्षा मिलेगी बच्चों को

युगल देवांगन

छठवीं गतिविधि के रूप में खिलौना बनाकर कक्षा में उपयोग को लेकर युगल देवांगन सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला बघमरा गुंडरदेही को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें खिलौना एवं वर्कशीट बनाकर उपयोग सुनिश्चित करने, कक्षा पहली से तीसरी के बच्चों को ब्लॉक से डाउनलोड करने हेतु शिक्षकों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई है। तो वही विद्यार्थी विकास सूचकांक सभी शालाओं में प्रदर्शन कर उपयोग के लिए राजेश कुमार पांडे सहायक शिक्षक सीएससी माट री डौंडीलोहारा नोडल अधिकारी को विद्यार्थी विकास सूचकांक सभी शाला में प्रदर्शन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जो प्राइमरी स्कूल में काम करेंगे।

कबाड़ से जुगाड़ से आसान होगी शिक्षा

षड प्रकाश किरण कटेन्द्र

कबाड़ से जुगाड़ के लिए षड प्रकाश किरण कटेन्द्र, सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला कपरमेटा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें कबाड़ से जुगाड़, प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों द्वारा निर्मित टीएलएम का प्रयोग विकासखंड में आयोजन की तैयारी एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है। अकादमिक मॉनिटरिंग का नियमित आयोजन के लिए प्रभु राम मंडावी शिक्षक सीएससी बोहारा गुरुर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्य अनुसार एसएसए छत्तीसगढ़ डॉट जीओवी.इन लिंक में एकेडमिक मॉनिटरिंग की प्रविष्टि भरने कहा गया है।

इसी तरह राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण के लिए एनके रजक शिक्षक शासकीय उच्च प्राथमिक शाला पसौद गुंडरदेही को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे कक्षा 3, 5 और 10 के बच्चों को अभ्यास पुस्तिका अनुसार पुस्तिका वर्क बुक संभावना, निखार से संबंधित पुस्तकों का अभ्यास करने की जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान में शिक्षकों को उनके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। संबंधित नोडल अधिकारी, विकासखण्ड के सभी अधिकारी के संपर्क में रहेंगे। चयनित अधिकारी, विकासखंड में बच्चों की उपलब्धि में सुधार सुधार हेतु कार्य कर रहे शिक्षकों से भी सीधे संपर्क में रहेंगे। यह प्रयास जिले में शिक्षा व्यवस्था को खासतौर से प्राइमरी और मिडिल स्तर पर बेहतर करने के लिए किया जा रहा है।

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